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छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय देते हैं पथरी की अचूक दवा, पिता की मौत के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई

POLITICS December 12, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय देते हैं पथरी की अचूक दवा, पिता की मौत के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई

छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय देते हैं पथरी की अचूक दवा, पिता की मौत के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेती किसानी में रुचि रखने वाले राजनेता तो है हीं, साथ में वे जड़ी-बूटियों के जानकार भी हैं। भले ही उनके पास चिकित्सा की कोई उपाधि न हो, मगर वे पथरी की अचूक दवा देते हैं। मुख्यमंत्री के जीवन के पहलुओं पर गौर करें तो पता चलता है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को जनसंघ की विरासत अपने दादा स्वर्गीय बुधनाथ साय से मिली। उनके दादा स्वतंत्रता के पश्चात सन् 1947 से 1952 तक तत्कालीन सीपी एंड बरार विधानसभा में मनोनीत विधायक भी रहे।

RSS से पुराना नाता
साय का परिवार शुरू से ही जनसंघ से जुड़ा रहा। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय वर्ष 1977-79 तक जनता पार्टी सरकार में संचार राज्य मंत्री रहे। जिला मुख्यालय जशपुर से 57 किलोमीटर दूर छोटे से आदिवासी बहुल गांव बगिया के निवासी मुख्यमंत्री साय किसान परिवार से आते हैं। बगिया की प्राथमिक शाला में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने कुनकुरी के लोयोला मिशनरी स्कूल में एडमिशन लिया। कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह अंबिकापुर गए। जब वह प्रथम वर्ष में थे, तभी उनके पिता रामप्रसाद साय का निधन हो गया। घर परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए वह पढ़ाई छोड़कर गांव वापस आ गए।

घर में उगाते हैं सब्जियां, किसानों को किया प्रेरित
मुख्यमंत्री साय खेती किसानी में बहुत रुचि रखते हैं। नदी के तट पर अपने घर में वह सब्जियां उगाते हैं। कोरोना काल में वह गांव में सब्जी उगाते रहे और अन्य किसानों को भी प्रेरित करते रहे। उन्होंने मैनी नदी पर पुल बनवाया। नदी की रेत में खीरा, ककड़ी, मूंगफली आदि की खेती के लिए गांव के किसानों को प्रेरित किया। उनके प्रयासों से गांव में कृषि के क्षेत्र में उन्नति हुई है।

जंगली जड़ी-बूटियों के अच्छे जानकार हैं विष्णु देव
मुख्यमंत्री साय जंगली जड़ी-बूटियों के अच्छे जानकार हैं। वह पथरी की अचूक दवा देते हैं। उनके कई लाभार्थी उनकी दवा की प्रशंसा करते हैं। साय की मां जसमनी देवी ने बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर कहा, “मेरे बेटे बाबू (विष्णु देव का निकनेम) ने सबसे पहले परिवार की सेवा की, फिर गांव की सेवा की, विधायक, सांसद, मंत्री रहकर क्षेत्र की सेवा की, अब मुख्यमंत्री बनकर राज्य की सेवा करेगा।”

पढ़ाई के लिए किए गए अपने संघर्ष को अक्सर याद करते हुए विष्णु देव साय कहते हैं कि उन्होंने अपने क्षेत्र में स्कूलों के विकास पर सदैव ध्यान दिया। अपने गांव में जिस सरकारी स्कूल में उन्होंने प्राइमरी की पढ़ाई की थी, वह अब हाईस्कूल बन गया है।

छत्तीसगढ़ के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री बने
अजीत जोगी के बाद विष्णु देव छत्तीसगढ़ के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री बने हैं। वह पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री थे। विष्णु देव साय साल 2020 से 2022 तक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा वह रायगढ़ से लोकसभा सदस्य भी रहे हैं। विष्णु देव ने 1999 से 2014 तक रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चार लोकसभा चुनाव जीते। विष्णु देव को 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था।

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