CG सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता : मुठभेड़ में वर्दीधारी नक्सली ढेर, एसएलआर और कई हथियार बरामद

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ शोभा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में उस वक्त हुई, जब सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन पर थे।

एसपी गरियाबंद ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि, ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक वर्दीधारी नक्सली मारा गया। मौके से एक एसएलआर हथियार और अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद की गई है। मुठभेड़ के बाद अन्य नक्सली जंगल की आड़ लेकर फरार हो गए। क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है, और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ इलाके में डटे हुए हैं।

सुरक्षाबलों ने एक हार्डकोर नक्सली को किया ढेर

वहीं 22 अप्रैल, मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें जवानों ने एक हार्डकोर नक्सली को मार गिराया था। इस दौरान मुठभेड़ स्थल से 1 नग 315 बोर राइफल, पोच, विस्फोटक समेत अन्य नक्सल सामग्री बरामद हुआ था।

जवानों को थाना बेदरे क्षेत्रान्तर्गत केरपे तोड़समपारा के जंगल में नक्सलियों के होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद संयुक्त बल माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान शाम साढ़े पांच बजे के आसपास केरपे और तोड़समपारा के मध्य पूर्व से घात लगाये बैठे हुए थे। इसी बीच नक्सलियों ने पुलिस पार्टी अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान जवाबी जवाबी फायरिंग में एक नक्सली मारा गया। मारे गए नक्सली गुण्डीपुरी आरपीसी का मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर वेल्ला वाचम पर 3 लाख रुपये का इनाम था।

सुरक्षाबल शांति की दिशा में कर रहे काम 

बख्तर आईजी सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि, साल 2024 में नक्सल विरोधी अभियान को बढ़त मिली। जिसको जारी रखते हुए वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग अंतर्गत सुरक्षाबलों ने प्रभावी रूप से प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध नक्सल विरोधी अभियान चलाया। जिसके तहत 112 दिनों में कुल 125 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए थे। बस्तर रेंज में तैनात सुरक्षाबल लगातार बस्तर की शांति की दिशा में काम कर रहे।

अब तक 179 नक्सलियों ने किया सरेंडर – एसपी 

एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि, बीजापुर में विगत 112 दिनों में कुल 87 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किये गए थे। वहीं अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 213 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली थी। जबकि 179 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्समर्पण किया था।

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