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रक्षाबंधन के दिन बहन की अस्थि विसर्जन के दौरान खारुन में डूबा भाई, अब तक नहीं मिली लाश

Chhattisgarh August 29, 2026 रिपोर्टर: shailesh
रक्षाबंधन के दिन बहन की अस्थि विसर्जन के दौरान खारुन में डूबा भाई, अब तक नहीं मिली लाश

रक्षाबंधन के दिन बहन की अस्थि विसर्जन के दौरान खारुन में डूबा भाई, अब तक नहीं मिली लाश

रायपुर. रक्षाबंधन के दिन राजधानी रायपुर में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं. रायपुरा निवासी 35 वर्षीय युधिष्ठिर सारंग शुक्रवार को अपनी दिवंगत बहन की अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट स्थित खारुन नदी पहुंचा था. अस्थि विसर्जन के दौरान तेज बहाव में वह नदी में बह गया और देखते ही देखते भंवर में फंसकर लापता हो गया. देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका.

परिजनों के मुताबिक, युधिष्ठिर अपने जीजा और अन्य रिश्तेदारों के साथ दोपहर करीब 12 बजे महादेवघाट के एनीकट के पास बने घाट पर पहुंचा था. अस्थियां विसर्जित करने के लिए वह अपने जीजा के साथ नदी में उतरा. दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगे. युधिष्ठिर के जीजा किसी तरह नदी के किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन युधिष्ठिर बहाव के साथ आगे चला गया और भंवर में फंसकर लापता हो गया.

तीन घंटे बाद पहुंची एसडीआरएफ टीम, लोगों में नाराजगी

घटना के तत्काल बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी. बताया गया कि करीब तीन घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. रेस्क्यू टीम ने बोट के जरिए नदी में तलाश शुरू की. कांटा और जाल डालकर भी शव को तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन अंधेरा होने तक सफलता नहीं मिली. एनीकट के पास नदी का बहाव तेज होने के साथ खतरनाक भंवर बन रहे थे. ऐसे में एसडीआरएफ के जवानों ने भंवर वाले स्थान से कुछ दूरी बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया. गोताखोरों को आशंका है कि युधिष्ठिर का शव पानी के भीतर भंवर में फंसा हो सकता है और घटनास्थल के आसपास ही मौजूद है. अब शनिवार सुबह दोबारा गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की जाएगी.

नाविकों पर मदद नहीं करने का आरोप, पुलिस ने नाव संचालन रोका

हादसे के बाद महादेवघाट पर मौजूद परिजनों और लोगों में नाराजगी देखने को मिली. लोगों का आरोप था कि नदी में नाव चलाने वाले नाविकों ने समय पर मदद नहीं की. एसडीआरएफ की टीम के देर से पहुंचने को लेकर भी लोगों ने आक्रोश जताया.

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने महादेवघाट में नावों का संचालन रोक दिया और नाविकों को घाट से हटा दिया. रक्षाबंधन के कारण महादेवघाट, लक्ष्मण झूला और आसपास के गार्डन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

कुछ दिन पहले ब्लू वाटर प्वाइंट हादसे में भी उठे थे सवाल

राजधानी में जल हादसे के बाद एक बार फिर रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. कुछ दिन पहले मौदहापारा निवासी एक युवक की ब्लू वाटर प्वाइंट में डूबने से मौत हो गई थी. बताया गया था कि युवक दोस्तों के साथ शर्त लगाकर गहरे पानी को पार करने उतरा था. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम कई दिनों तक तलाश करती रही, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका था. बाद में चौथी रात शव पानी की सतह पर आने के बाद उसे बाहर निकाला गया था. उस घटना के बाद भी रेस्क्यू टीम की क्षमता और संसाधनों को लेकर नाराजगी सामने आई थी.

चार बच्चों का पिता था युधिष्ठिर

युधिष्ठिर सारंग शादीशुदा था और चार बच्चों का पिता था. परिजनों के अनुसार, उसकी बहन गीतेश्वरी की कुछ दिन पहले मृत्यु हुई थी. अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को परिवार और रिश्तेदार उसकी अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट पहुंचे थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि अस्थि विसर्जन के दौरान ही परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा.

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