सावधान.. सावधान.. पनीर और दही खाने वाले हो जाए सावधान.. खुलेआम बिक रहा नकली पनीर और दही..
कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी देता है नकली पनीर और दही, खाद्य विभाग भी नहीं दे रहा ध्यान

रायपुर : अगर आप रोज़ाना पनीर और दही का सेवन करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शहर में नकली पनीर और दही का कारोबार खुलेआम चल रहा है। नकली पनीर और नकली दही के उपयोग से होने वाली बीमारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक है, ऐसे मे अगर यह हमारे घर के आसपास खुलेआम बिक रहा है तो इसको खरीदने से पहले इसकी मानकता की जांच जरुरे कर ले|
कैसे बन रहा था नकली पनीर?
नकली पनीर बनाने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल, सिंथेटिक दूध और रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसे असली पनीर जैसा दिखाने के लिए सफेद रंग और सख्त बनाने वाले केमिकल मिलाए जाते थे। बाद में इसे ब्रांडेड पैकिंग में बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।
नकली दही भी बिल रहा खुलेआम
छापेमारी के दौरान सामने आया कि नकली दही तैयार करने के लिए स्टार्च, डिटर्जेंट युक्त पदार्थ और सिंथेटिक एसेंस का उपयोग किया जा रहा था। इस दही को थोक बाजार के जरिए छोटी दुकानों और होटलों तक पहुंचाया जा रहा था।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मिलावटी उत्पादों का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और लंबे समय में किडनी व लीवर पर बुरा असर पड़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खास तौर पर खतरनाक है।
ऐसे पहचानें नकली पनीर और दही
पनीर को पानी में उबालने पर यदि वह टूटने लगे या तेल छोड़ने लगे तो वह नकली हो सकता है।
दही में आयोडीन की कुछ बूंदें डालने पर यदि रंग नीला हो जाए तो उसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है।
अत्यधिक सस्ता दाम भी मिलावट का संकेत हो सकता है।
खाद्य विभाग नहीं ले रहा संज्ञान
प्रदेश के लगभग सभी जिलों के मुख्य शहरों मे नकली पनीर और दही का खुलेआम बिक्री हो रहा है, छोटी-छोटी दुकानों से लेकर बड़े बड़े खाद्य संस्थानों मे नकली पनीर और दही खाद्य सुरक्षा को ठेगा दिखाते हुए बहुतायत मे बिक्री किया जा रहा है| त्योहारी सीजन मे खाद्य विभाग के अधिकारी ऐसे खाद्य संस्थानों की जांच नहीं कर पा रहे है जिसके चलते नकली पनीर और दही की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है|