सहकारी बैंकों का बुरा हाल: शंकरगढ़ और कुसमी शाखा से दस साल में 26 करोड़ खा गए कर्मचारी, 11 गिरफ्तार

अंबिकापुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित की शंकरगढ़ और कुसमी शाखा में 26 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी के मामले में बलरामपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व संस्था प्रबन्धक, पर्यवेक्षक, लिपिक समेत 11 अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने तीन फर्जी अकाउंट खोलने के बाद छलपूर्वक किसानों के केसीसी खाता में बैंक की राशि को उक्त खातों में ट्रांसफर करने के बाद आहरित किया। आरोपियों ने वर्ष 2012 से 2022 के बीच इस वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बैंक में हर साल लोकल और सेन्ट्रल लेबल की ऑडिट टीम जांच करती रही लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि इन 10 वर्षों तक होने वाले ऑडिट में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं पकड़ा गया।

ऐसे में अब बैंक में होने वाला ऑडिट और ऑडिट करने वाले अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ गए है। बुधवार को बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने पत्रकार वार्ता के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया। इसके साथ ही पुलिस अब आरोपियों को जल्द ही रिमांड में लेकर पैसों के बारे में पूछताछ करेगी। बता दें कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा बलरामपुर के प्रभारी शाखा प्रबंधक और नोडल अधिकारी अरविन्द श्रीवास्तव आ. स्व. राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव ने सहकारी बैंक की शाखा कुसमी और शंकरगढ़ में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई है। प्रभारी शाखा प्रबंधक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी माह में उन्हें नाबार्ड से एक मेल प्राप्त हुआ था जिसमें सीईओ जनपद पंचायत द्वारा शिकायत की गई थी।

फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा, वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई
जनपद सीईओ ने शंकरगढ़ और कुसमी शाखा के तीन खातों में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जाहिर की गई थी। जनपद सीईओ की शिकायत की जांच हेतु बैंक विभाग की ओर से कुसमी और शंकरगढ़ शाखा के अंतर्गत समितियों के खातों में हुई अनियमितता की जांच के लिए टीम का गठन किया गया था लेकिन जांच दल की ओर से जांच नहीं की गई। ऐसे में कलेक्टर सरगुजा की ओर से सीए नवीन उपाध्याय एंड एसोसिएट्स से फ्लैस ऑडिट कराई गई और ऑडिट रिपोर्ट में कुल 23 करोड़ 74 लाख 5 हजार 608 रूपए के हेराफेरी की जांच सामने आई। इस जांच के बाद जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित द्वारा 4 फरवरी को टीम का गठन किया गया और टीम की ओर से 4 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अम्बिकापुर की शाखा शंकरगढ़ और कुसमी में फर्जी 3 अकाउंट में फर्जीवाड़ा कर गबन व वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी दीपक झा के निर्देश पर एसपी वैभव बैंकर द्वारा एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी, एसडीओपी इम्मानुएल लकड़ा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और जब टीम ने इस पूरे प्रकरण की जांच की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।

बिना वाउचर व दस्तावेज के आहरण
एसपी श्री बैंकर ने बताया कि कुसमी शाखा में फर्जी अकाउंट मिस्टर अजस समिति जमड़ी शन अकाउंट की जांच की गई तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। अकाउंट का केवाईसी और दस्तावेज अकाउंट ओपनिंग फार्म एवं सिग्नेचर उपलब्ध ही नहीं है। अकाउंट के क्रेडिट एवं डेबिट स्टेटमेंट में बिना किसी वाउचर एवं सहायक दस्तावेज या अधिकार पत्र के 19 करोड़ 24 लाख 13 हजार 880 रूपए क्रेडिट और 19 करोड़ 22 लाख 73 हजार 908 रूपए डेबिट कर ट्रांजैक्शन किया गया है।

जमुना अलंकार के नाम पर ट्रांजैक्शन
एसपी श्री बैंकर ने बताया कि, बैंक खातों की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जमुना अलंकार नामक अकाउंट में एनईएफटी ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 1 करोड़ 82 लाख 2 हजार रूपए ट्रांसफर किया गया है। उक्त ट्रांसफर 52 ट्रांजैक्शन से किए गए और इनमें से 44 ट्रांजैक्शन में वाउचर व सहायक दस्तावेज मौजूद ही नहीं है। इसी तरह शाखा कुसमी के नरेगा धनेशपुर के अकाउंट की जांच में यह बात सामने आई कि अकाउंट में केवाईसी सिग्नेचर, अकाउंट ओपनिंग फार्म आदि सीबीएस सिस्टम में मौजूद नहीं है व क्रेडिट व डेबिट ट्रांजैक्शन की जांच में पुष्टि हुई वाउचर व सहायक दस्तावेज नहीं था वहीं जो वाउचर उपलब्ध है उनपर खाता धारक के स्थान के नाम पर हस्ताक्षर एवं अंगूठा नरेगा धनेशपुर के अधिकृत अधिकारी का ना होकर किसी अन्य व्यक्ति का था। उक्त अकांउट में कुल 3 करोड़ 19 लाख 21 हजार 966 रूपए का ट्रांजैक्शन पाया गया है।

जनपद सीईओ के नाम पर फर्जी खाता
एसपी श्री बैंकर ने बताया कि प्रकरण में शाखा शंकरगढ़ के मिस्टर सीईओ जनपद पंचायत शंकरगढ़ के नाम से संचालित खाते की जांच की गई तो पता चला कि उक्त खाते में केवाईसी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि वर्षों से इस खाते में चल रही हेराफेरी की जानकारी जनपद सीईओ को नहीं थी। उनकी जानकारी के बिना जनपद पंचायत सीईओ के नाम से खाता खोलकर हेराफेरी की जा रही थी।

ये आरोपी गिरफ्तार
26 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने शंकरगढ़ निवासी पूर्व सहायक मुख्य प्रवेक्षक 56 वर्षीय अशोक कुमार सोनी आ. एएस सोनी, पूर्व संस्था प्रबन्धक एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम सालन निवासी 56 वर्षीय लक्ष्मण प्रसाद देवांगन आ. स्व. भगवती प्रसाद, पूर्व संस्था प्रबंधक बलरामपुर बसंतपुर के ग्राम लोधी निवासी 50 वर्षीय विजय उईके आ. मदीप राम, अंबिकापुर नवागढ़ निवासी पूर्व प्रभारी लिपिक तबारक अली आ. स्व. मुबारक अली, प्रभारी अतिरिक्त प्रबन्धक अंबिकापुर डीसी रोड निवासी 60 वर्षीय राजेन्द्र कुमार पाण्डेय , निवासी 60 वर्षीय राजेन्द्र कुमार पाण्डेय आ. विपिन पाण्डेय, शंकरगढ़ बचवार निवासी 30 वर्षीय समिति सेवक सुदेश यादव आ. मुनेश्वर यादव, अंबिकापुर दरिमा निवासी सहायक मुख्य पर्यवेक्षक 69 वर्षीय एतबल सिंह आ. स्व. रामसेवक सिंह, शंकरगढ़ निवासी कम्प्यूटर ऑपरेटर कुसमी 35 वर्षीय प्रकाश कुमार सिंह आ. विगु सिंह, कुसमी नीलकंठपुर निवासी सहायक लेखापाल 50 वर्षीय जगदीश प्रसाद भगत आ. स्व. अवधेश प्रसाद भगत, बलरामपुर भगवतपुर निवासी सहायक मुख्य पर्यवेक्षक, शाखा प्रबन्धक कुसमी 65 वर्षीय सबल राय आ. स्व. कमला राय व वरिष्ठ पर्यवेक्षक अंबिकापुर गांधीनगर निवासी 70 वर्षीय विकास चन्द्र पाण्डवी आ. स्व कालीपद पाण्डवी को भादवि की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 के तहत गिरफ्तार किया गया है

 

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