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Asian Games: भाला फेंक में भारत को दो पदक, नीरज चोपड़ा को स्वर्ण, किशोर जेना ने रजत पर किया कब्जा

National October 4, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
Asian Games: भाला फेंक में भारत को दो पदक, नीरज चोपड़ा को स्वर्ण, किशोर जेना ने रजत पर किया कब्जा

Asian Games: भाला फेंक में भारत को दो पदक, नीरज चोपड़ा को स्वर्ण, किशोर जेना ने रजत पर किया कब्जा

नईदिल्ली। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों के भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण जीता है। उन्होंने 88.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पर कब्जा जमाया। वहीं, भारत के ही किशोर जेना ने 87.54 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत हासिल किया। नीरज ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता था। वहीं, किशोर का यह पहला एशियाई खेल है और उन्होंने रजत पर कब्जा जमाया। यह किसी भी प्रतियोगिता में जेना का पहला पदक है। जापान के गेंकी डीन 82.68 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

1951 से भाला फेंक एशियाई खेल का हिस्सा रहा है। यह 72 वर्षों में पहली बार है जब इस स्पर्धा में भारत के ही दो एथलीट ने स्वर्ण और रजत पर कब्जा जमाया हो। भारत के अब एशियाई खेलों के भाला फेंक स्पर्धा में पांच पदक हो गए हैं। इन दो पदक से पहले 1951 दिल्ली एशियाई खेलों में परसा सिंह ने रजत, 1982 दिल्ली एशियाई खेलों में गुरतेज सिंह ने कांस्य और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में नीरज ने स्वर्ण जीता था। वहीं, ऐसा भी पहली बार है जब एशियाड के पुरुषों के भाला फेंक में भारत ने दो पदक जीते हैं।

नीरज चोपड़ा-किशोर जेना का पहला थ्रो
नीरजा का पहला थ्रो 82.38 मीटर का रहा। इस थ्रो के बाद वह पहले स्थान पर पहुंच गए थे। भारत के ही किशोर जेना उनके बाद दूसरे स्थान पर थे। जेना ने 81.26 मीटर का थ्रो किया था। जापान के गेंकी डीन 78.87 थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर थे।

नीरज चोपड़ा-किशोर जेना का दूसरा थ्रो
नीरज का दूसरा थ्रो 84.49 मीटर का रहा। उन्होंने अपने पिछले थ्रो में सुधार किया। वह पहले स्थान पर बरकरार रहे। वहीं जेना दूसरे स्थान पर थे। जेना का दूसरा थ्रो 79.76 मीटर का रहा।

नीरज चोपड़ा-किशोर जेना का तीसरा थ्रो
नीरज का तीसरा थ्रो फाउल रहा। उन्होंने क्रासिंग मार्क को छू लिया। किशोर जेना का तीसरा थ्रो 86.77 मीटर का रहा और वह नीरज से आगे निकल गए और स्वर्ण पदक के दावेदार हो गए थे। 86.77 मीटर का थ्रो जेना का पर्सनल बेस्ट भी था।

नीरज चोपड़ा-किशोर जेना का चौथा थ्रो
जेना द्वारा पीछे किए जाने के बाद नीरज अपने चौथे थ्रो में पूरी ऊर्जा के साथ आए और उन्होंने जैसे ही अपना चौथा थ्रो किया उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था। उन्हें पता लग गया था कि उनका थ्रो सफल रहा। नीरज का चौथा प्रयास 88.88 मीटर का रहा। यह नीरज का सीजन बेस्ट थ्रो रहा। इससे ज्यादा उन्होंने इस सीजन में थ्रो नहीं किया है। वह फिर से पहले स्थान पर पहुंच गए थे। किशोर जेना का चौथा प्रयास 87.54 मीटर का रहा और वह दूसरे स्थान पर बरकरार रहे। 86.77 मीटर की जगह 87.54 मीटर जेना का पर्सनल बेस्ट थ्रो हो गया।

नीरज चोपड़ा-किशोर जेना का पांचवां और छठ थ्रो
नीरज का पांचवां थ्रो 80.80 मीटर का रहा। वहीं, किशोर जेना का पांचवां थ्रो फाउल रहा। नीरज और जेना दोनों का छठा थ्रो फाउल रहा। अपने-अपने प्रयासों के बाद ही दोनों जश्न मनाने लगे। नीरज ने स्वर्ण और जेना ने रजत जीता।

स्पर्धा की शुरुआत में हुई गड़बड़ी
इस स्पर्धा की शुरुआत में ही गड़बड़ी आ गई थी। सबसे पहले चीनी ताइपे के सुन चेंग चाओ थ्रो के लिए आए, लेकिन उनका थ्रो फाउल रहा। इसके बाद नीरज थ्रो के लिए आए। उन्होंने थ्रो किया, पर उनका स्कोर नहीं बताया गया। इसके बाद कुवैत के अब्दुलरहमान अलाजेमी ने भी थ्रो कर दिया और उनका स्कोर भी नहीं बताया गया। इसके बाद खेल को करीब 15 मिनट रोका गया। नीरज काफी देर तक अधिकारियों से बात करते हुए दिखाई दिए। किसी को नहीं पता था कि क्या हुआ था।

बैकग्राउंड में एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोचों को उनके मोबाइल पर कुछ करते देखा गया था। एशियाड अधिकारी एक-दूसरे के साथ और नीरज के साथ बातचीत करते रहे थे। थ्रो के बाद नीरज ने जैकेट पहन लिया था। नीरज इस तरह की गड़बड़ी से खुश नहीं दिखे। उनका पहला थ्रो तकरीबन 87 मीटर का था, जिसे रद्द कर दिया गया। तकनीकी गड़बड़ी की वजह से नीरज को फिर से पहला थ्रो करना पड़ा था।

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