ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, रायपुर के तिल्दा को मिली 58.71 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना छत्तीसगढ़ शासन की एक प्रमुख एकीकृत योजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी और मौलिक सुविधाओं (जैसे सीसी रोड, नाली निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण और पंचायत भवन) का विकास करना है। गांवों में मूलभूत अधोसंरचना का विकास कर और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारना है।

10 विकास कार्यों के लिए 58.71 लाख रुपये प्रशासनिक स्वीकृति

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए तिल्दा विकासखंड के लिए 58.71 लाख रुपये की लागत से 10 विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए जारी आदेश के तहत जिला रायपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सड़कों, भवनों और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता 

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गांवों में बेहतर अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण सड़कें और सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन स्वीकृत विकास कार्यों से तिल्दा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त होगी।

​स्वीकृत आदेश के तहत सरफ़ोंगा के कुर्मीपारा, रजियां के शीतला मंदिर परिसर, सिरवे और मानपुर में 6.50-6.50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं सरोरा के वार्ड क्रमांक 10 में 6 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल सहित आंगनबाड़ी भवन बनेगा। तरपोंगी के बाजार चौक में जल निकासी सुलभ करने के लिए 5.91 लाख रुपये की लागत से तीन यूनिट नालियों का निर्माण किया जाएगा। आवागमन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से टोहड़ा, भिलौनी, बोईरझिटी और नकटी (जलसो) की ग्राम पंचायतों में 5.20-5.20 लाख रुपये की लागत से दो-दो यूनिट सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों का निर्माण होगा, जो प्रमुख मार्गों, स्कूलों और मोहल्लों को आपस में जोड़ेंगी।

निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से जानकारी बोर्ड लगान निर्देश

इन सभी ​निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्थल चयन के बाद एक सप्ताह के भीतर तकनीकी रिपोर्ट जमा करनी होगी और स्वीकृत राशि से अधिक व्यय करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा कार्यों का दोहराव रोकने, निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से जानकारी बोर्ड लगाने और हर महीने की 5 तारीख तक प्रगति रिपोर्ट भेजने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि सभी कार्य समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकें।

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