छत्तीसगढ़ दौरे पर आप सांसद संजय सिंह, कहा केंद्र के इशारे पर चल रही सरकार, पेपर लीक और यूसीसी पर भी साधा निशाना

रायपुर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। आदिवासी दिवस के मौके पर गरियाबंद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि, छत्तीसगढ़ की पूरी सरकार को हाईजैक कर लिया गया है और प्रदेश के लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने हसदेव, पेसा कानून, आदिवासी समाज के मुद्दों, पेपर लीक और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी अपनी बात रखी।
केंद्र के इशारे पर चल रही छत्तीसगढ़ सरकार सिंह
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि, छत्तीसगढ़ के लोगों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने हसदेव और पेसा कानून का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, आदिवासी समाज के बीच सरकार के खिलाफ नाराजगी है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उनका डायरेक्शन गृहमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आता है। संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार को केंद्र के इशारे पर चलने वाली सरकार बताते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार आज की तारीख में केंद्र सरकार के इशारे पर नाचने वाली सरकार बन गई है।
पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर हमला
पेपर लीक के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि पूरे देश में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि, 2015 से अब तक 148 पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक का मामला सामने आया है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और झारखंड समेत भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि, इन मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है।
छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार पर जोर
AAP सांसद ने कहा कि, आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि, पार्टी के प्रभारी लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भी संजय सिंह ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि, समाज के कुछ तबकों के साथ भेदभाव होता है और इस पर निगरानी की जरूरत है।
UCC को लेकर संजय सिंह का बड़ा सुझाव
AAP सांसद ने सुझाव दिया कि, दो अलग-अलग कमेटियां बनाई जानी चाहिए। पहली कमेटी SC, ST और OBC समाज के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करे, जबकि दूसरी कमेटी सभी समाज के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करे। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि, भारतीय जनता पार्टी ऐसा नहीं चाहती, क्योंकि उनके मुताबिक भाजपा झगड़ा कराने वाली पार्टी है।