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वरदान साबित हुई ‘महतारी वंदन योजना’: अब महिलाओं को अपनी हर छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता

Chhattisgarh October 27, 2024 रिपोर्टर: shailesh
वरदान साबित हुई ‘महतारी वंदन योजना’: अब महिलाओं को अपनी हर छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता

वरदान साबित हुई ‘महतारी वंदन योजना’: अब महिलाओं को अपनी हर छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता

रायपुर। प्रदेश में लागू की गई महतारी वंदन योजना से अनेक माताओं-बहनों को अब छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आती। विकासखण्ड कोरबा अंतर्गत ग्राम खेतार की लगभग 70 वर्षीय वृद्धा आशो बाई को कुछ महीने पहले तक अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ लोगों से पैसे मांगने की जरूरत पड़ती थी। कई बार कुछ पैसों के लिए उन्हें लंबा इंतजार भी करना पड़ता था।

महतारी वंदन योजना से हर महीने खाते में एक हजार रूपए समय पर मिल जाते हैं। ग्राम खेतार की ने बताया कि, उम्र के साथ ही उन्हें कुछ भी काम करने में परेशानी है वह किसी तरह छोटे-मोटे घरेलू काम कर लेती है। घर के आसपास अपने बकरियों को चरा लेती है। उन्होंने बताया कि, पिछले महीने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का आहरण किया गया है। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने घर के लिए जरूरी सामग्री खरीदने,  उपचार और बीमारी के दौरान दवा, फल आदि में किया है।

योजना की राशि से पूरी होती है छोटी-मोटी जरूरतें 

ग्राम बेला की शुकवारो बाई ने बताया कि, हर महीने महतारी वंदन योजना के राशि का इंतजार रहता है। राशि समय पर खाते में आते ही उन्हें बहुत राहत मिलती है। यह राशि हमारे बड़े काम की होती है। वृद्धा आशो बाई को किसी के आगे रूपए के लिए हाथ फैलाने की नौबत नहीं आती है। उन्होंने बताया कि, महतारी वंदन योजना को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू किए जाने के बाद हम जैसी वृद्ध महिलाओं के लिए यह वरदान साबित हो रही है। हर महीने खाते में एक हजार की राशि प्राप्त हो जाती है,  इससे हम अपनी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी कर लेते हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना लागू किए जाने से ग्रामीण क्षेत्र की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को बहुत लाभ पहुंचने की बात कही और इस योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

संजना के जीवन में आई आर्थिक स्वतंत्रता

नारायणपुर जिले के कुम्हारपारा की रहने वाली संजना पांडे, जो एक गृहणी हैं और घर से फैंसी सामान की दुकान चलाती हैं,  इस योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि, पहले बच्चों की शिक्षा और घर का खर्च चलाना उनके लिए कठिन था लेकिन महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। संजना कहती हैं कि, हर महीने 1 तारीख को मेरे खाते में 1,000 रुपये जमा होते हैं, जिसका उपयोग मैं बच्चों की शिक्षा, कॉपी-किताबें और स्कूल की ड्रेस के साथ-साथ घर के आवश्यक सामानों और दुकान के लिए सामग्री खरीदने में करती हूं। इस योजना ने मेरे आर्थिक संघर्षों को कम किया और मेरे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, यह योजना मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आशा है कि भविष्य में भी ऐसी लाभकारी योजनाएं आती रहेंगी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा योगदान

महतारी वंदन योजना के तहत् प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रहीं हैं और वहीं जिले में हर महीने 27 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 2 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की राशि स्थानांतरित की जा रही है। इसमें विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की 3,687 महिलाएं भी शामिल हैं। इस योजना ने पूरे छत्तीसगढ़ में उन महिलाओं के जीवन में सुधार किया है, जो पहले सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही थीं।

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