एमपी में बेटियों-महिलाओं पर होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए महिला बाल विकास विभाग ने कलेक्टरों को दिए 11 सूत्रीय एक्शन प्लान, बनेगी टास्क फोर्स

भोपाल : महिला बाल विकास विभाग ने कलेक्टरों को बेटियां और महिलाओं पर होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए कार्रवाई का एक्शन प्लान दिया है. जिलों में इन गतिविधियों की निगरानी के संबंध में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. इसमें विभिन्न विभागों पुलिस महिला बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, श्रम, पर्यटन, कौशल विकास, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं को शामिल किया जाएगा.

महिलाओं और बेटियों पर किए जाने वाले अत्याचारों और क्रूरता को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश जारी किए हैं जिसे लेकर विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को एक 11 सूत्रीय एक्शन प्लान के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त सूफिया फारुकी वली ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए है.

राष्ट्रीय महिला आयोग को तमिल पीपुल्स डेवलपमेंट काउंसिल की एक याचिका प्राप्त हुई है. इसमें प्रदेश के उस मामले के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है जिसमें महिलाओं और युवा लड़कियों को गरीबी के कारण उनके अपने परिवार के सदस्य अन्य लोगों को बेच रहे है और उनकी तस्करी से जुड़ी है घटनाएं हो रही है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि याचिका में लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के है. जिन पर तत्काल ध्यान देकर महिलाओं बालिकाओं से जुड़ी इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उचित कदम उठाने की जरुरत है.

प्रमुख दायित्व – क्रूरता का शिकार हो रही महिलाओं बालिकाओं से संबंधित नियम होंगे तैयार

इन गतिविधियों ह्यूमन ट्रैफिकिंग की मानीटरिंग करना और आवश्यक कार्यवाही के लिए कार्ययोजना तैयार करना होगा. जिले में इन गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील क्षेत्रों की मेपिंग करना होगा और चिन्हित क्षेत्रों में मानीटरिंग कर कार्यवाही की जाएगी.

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