सांसद संतोष पांडेय के आरोपों पर भूपेश बघेल ने दिया जवाब, कहा “जो स्वर्गवासी हो जाये तो उससे सवाल कैसे कर सकते हैं”

राजनांदगांव : जिले के सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए निशाना साधा है। उन्होंने राजनांदगांव में नक्सलियों की गिरफ्तारी पर बड़ा आरोप लगाया है। मोहला-मानपुर गिरफ्तारी मामले में सांसद पांडेय ने दावा करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक विवेक सिंह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का सलाहकार रह चुका है। अब सीएम भूपेश बघेल बतायें कि ये रिश्ता क्या कहलाता है।

सांसद संतोष पांडेय ने आरोप लगाते हुए कहा कि नक्सलियों के साथ सात लाख रुपए के लेन-देन की जानकारी मिली है। इससे मालूम चलता है कि नंदकुमार बघेल के नक्सलियों से संबंध थे। वे मोहला मानपुर के अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर बैठकें लिया करते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान बघेल कहते थे कि मोहला-मानपुर में जीत जरूर होगी। अब भूपेश बताएं कि ये रिश्ता क्या कहलाता है?

बांग्लादेश हिंसा को लेकर राहुल गांधी के सवाल पर सांसद पांडेय पलटवार करते हुए कहा कि हमास ने इजराइल पर हमला किया तो राहुल गांधी हमास के पक्ष में थे। कांग्रेस के सारे प्रवक्ता हमास के पक्ष में बोलते दिखाई दिए। बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हुआ। बांग्लादेश पर कांग्रेस चुप्पी साधे हुए हैं। अब राहुल गांधी एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ पर महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले भी विपक्ष ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का अपमान किया है। महाभियोग लाए, केंद्र सरकार उनसे निपट लेगी।

दूसरी ओर भूपेश बघेल ने इस मामले में पलटवार करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति स्वर्गवासी हो जाये तो उससे सवाल कैसे कर सकते हैं, जब सवाल का जवाब देने के लिये वो व्यक्ति उपस्थित नहीं है। बीजेपी हमेशा दिवंगत से सवाल करती है गांधी से, नेहरू से, इंदिरा से सवाल करती है। जब कोई व्यक्ति स्वर्गवासी हो जाये तो उससे कैसे सवाल पूछा जा सकता है? आज मेरे पिता से सवाल कर रहे हैं, मूर्खता की हद हो गयी। मेरे पिता से राजनीतिक विरोधाभास थे। उनकी लाइन अलग थी, मेरे  लाइन अलग थी। वो कहां आते थे, कहां जाते थे?

उन्होंने सर्वोदय से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और अंतिम क्षणों में बुद्ध की बात कहते थे। बुद्ध के बिना पूरी दुनिया में शांति नहीं हो सकती। जो दिवंगत हो गये उनके बारे में सवाल खड़ा करना बड़े ही दुर्भाग्य की बात है। उस व्यक्ति के बारे में इस प्रकार ओछी बयान देना बताता है कि संतोष पांडेय की मानसिकता क्या है? ऐसी मानसिकता वाले व्यक्ति को मैं कोई जवाब नहीं देना चाहता। वो घटिया मानसिकता के व्यक्ति हैं। किसके साथ संबंध है, किसके साथ नहीं। सब लोग जानते हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि नक्सली बीजपी के मंत्रियों के बंगले में उनके कार्यालय में हफ्ता वसूली किया करते थे। रायपुर का एक-एक बच्चा जानता है।

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