भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़, 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत…

हाथरस/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग में हिस्सा लेने पहुंचे लोगों में मंगलवार को भगदड़ मच गई, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इनकी मौत की पुष्टि एटा के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने की है. मृतकों में 25 महिलाएं शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में हिस्सा लेने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच मंगलवार को भगदड़ मच गई, जिसमें 80 लोगों की मौत हो गई. एटा के सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने मौत के आंकड़ों की पुष्टि की है. सभी डेड बॉडी को एटा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि सत्संग में भीषण गर्मी की वजह से भक्तों की स्थिति खराब हो गई. सत्संग में हिस्सा लेने पहुंचे कई लोगों ने आपबीती सुनाई.

उन्होंने कहा कुछ घायलों को भी अस्पतालों में ले जाया गया है. हमने सुना है कि ‘सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी. हालांकि, ये प्राथमिक जानकारी है. इस बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं, एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, राजेश कुमार ने बाद में कहा कि भगदड़ में मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं.

समय पर मिलती मदद तो बच जाती कई जानें
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया. यह मामला हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव फुलराई का है. मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर पुलिस-प्रशासन और एंबुलेंस के पहुंचने में देरी हुई, जिससे वहां अव्यवस्थता की स्थिति पैदा हो गई.

इस हादसे की खबर मिलते ही सीएम योगी आदित्यनाथ खुद एक्शन में आ गए हैं. इस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दुख व्यक्त किया है. इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फौरन मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाएं. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार समेत मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह और संदीप सिंह हाथरस के लिए रवाना हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने दुख प्रकट करते हुए कहा जो इस तरह के आयोजन करते हैं पहले उनको उतने लोगों की व्यवस्था करनी चाहिए उसके बाद ही इस तरह के आयोजन करने चाहिए इस आयोजन में जिन लोगों ने अपनी जान गवाही है मैं उनके प्रति अपना दुख व्यक्त करता हूं और शासन प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसे लोगों पर और ऐसे सरकारी अधिकारियों पर सबसे सख्त कार्रवाई हो जो इस तरह के आयोजनों की अनुमति देते हैं.

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