हाथरस हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया दुख, दिवंगतो को दी विनम्र श्रद्धांजलि

रायपुर। उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्ससंग के दौरान भगदड़ मचने से 134 लोगों की मौत हो गई है. हाथरस में 107 और एटा में 27 लाशें अब तक गिनी जा चुकी हैं. इसमें बड़ी संख्‍या महिलाओं की है. इस हादसे में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. राहत कार्य में लगे लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है. अभी भी पंडाल में कुछ लोगों के दबे होने की खबर है. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने इस घटना को लेकर शोक व्यक्त किया है.

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई दुर्घटना हृदय विदारक है. दिवंगत हुए लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि, परिजनों को प्रभु यह दुःख सहने की शक्ति दें. हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
पीएम नरेंद्र मोदी ने हाथरस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने मृतक श्रद्धालुओं के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है. केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी यूपी सरकार से संपर्क में है. सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री स्वयं पल-पल के घटनाक्रम पर सीधी नजर रख रहे हैं. दो मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को मुख्यमंत्री ने मौके पर भेजा गया है. एडीजी, आगरा और कमिश्नर, अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. कार्यक्रम आयोजकों के विरुद्ध एफआईआर हो सकती है. प्रशासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.

रक्षामंत्री ने हादसे पर जताया दुख
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में हुआ हादसा अत्यंत पीड़ादायक है. इस दुर्घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद कर रही है.’

बता दें कि यह सत्‍संग हाथरस के फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित हुआ था. साकार नारायण विश्‍व हरी भोले बाबा का यह सत्‍संग बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि प्रवचन ख़त्म करने बाद बाबा के पैर छूने और आशीर्वाद लेने की वजह से भगदड़ मची.

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