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Rahul Gandhi: ‘EVM एक ब्लैक बॉक्स…’, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी ने फिर उठाए सवाल

POLITICS June 16, 2024 रिपोर्टर: Javed Akhtar
Rahul Gandhi: ‘EVM एक ब्लैक बॉक्स…’, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी ने फिर उठाए सवाल

Rahul Gandhi: ‘EVM एक ब्लैक बॉक्स…’, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी ने फिर उठाए सवाल

नईदिल्ली। Rahul Gandhi Raised Question on EVM: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर रविवार (16 जून 2024) को एक पोस्ट में इसके जरिये चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने अपने पोस्ट में शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार रवींद्र वायकर से जुड़ी एक खबर भी शेयर की है. शिंदे पर ईवीएम से छेड़छाड़ कर जीतने का आरोप लगा है.

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “भारत में ईवीएम एक ‘ब्लैक बॉक्स’ है. किसी को भी इनकी स्क्रूटनी करने की अनुमति नहीं है. हमारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं. जब संस्थाओं में जवाबदेही की कमी होती है, तो लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है.”

https://x.com/RahulGandhi/status/1802219727068037545

रविंद्र वायकर पर लगे आरोपों से जुड़ी खबर को किया शेयर

राहुल गांधी ने जिस खबर को शेयर करके यह पोस्ट लिखा है. वह मिड डे की खबर है. मिड डे की इस रिपोर्ट में बताया गया है वनराई पुलिस को अभी तक की जांच में रविंद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर के खिलाफ कई सबूत मिले हैं. मंगेश मंडिलकर पर आरोप है कि उसी ने ईवीएम में गड़बड़ी की जिसके बाद मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से वायकर को 48 वोटों से जीत मिली. आरोप है कि मंगेश वोटों की गिनती के दौरान जो फोन इस्तेमाल कर रहा था वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ा था.

पुलिस को मिले हैं ईवीएम से छेड़छाड़ के सबूत

पुलिस ने कहा है कि इस मोबाइल फोन का इस्तेमाल ईवीएम मशीन को अनलॉक करने वाले ओटीपी को जनरेट करने के लिए किया गया था. इस टेक्निक का इस्तेमाल 4 जून को नेस्को सेंटर के अंदर किया गया था. वनराई पुलिस ने आरोपी मंगेश पंडिलकर और दिनेश गुरव को सीआरपीसी 41ए का नोटिस भी भेजा, जो चुनाव आयोग (ईसी) के साथ एनकोर (पोल पोर्टल) ऑपरेटर था. पुलिस ने अब मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में भेज दिया है ताकि मोबाइल फोन का डेटा पता लगाया जा सके और फोन पर मौजूद फिंगरप्रिंट भी लिए जा रहे हैं.

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