CG : महादेव सट्टा एप, कोयला और शराब घोटाले में जांच तेज, ACB-EOW की टीम पूछताछ के लिए दूसरे दिन पहुंची जेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित महादेव सट्टा एप्प, कोयला और शराब घोटाले में जांच तेज हो गई है। एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम दूसरे दिन भी पूछताछ के लिए जेल पहुंची। इससे पहले विशेष कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे एसीबी और ईओडब्ल्यू की छह सदस्यीय टीम रायपुर सेंट्रल जेल में पहुंची। यहां करीब 10 घंटे तक शराब और कोल घोटाले के साथ ही महादेव एप सट्टेबाजी केस में बंद आरोपितों से पूछताछ कर अधिकारियों ने उनके बयान अपने साथ लाए लैपटाप में दर्ज किए।

रात आठ बजे जेल से बाहर निकले अधिकारियों ने आरोपितों से किन-किन बिंदुओं पर पूछताछ की गई, इसकी अधिकृत तौर पर कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि तीनों केस के आरोपितों से पूछताछ हुई है और यह सिलसिला दो अप्रैल तक जारी रहेगा।

एसीबी ने कोयला शराब और महादेव सट्टेबाजी केस में पिछले दिनों एफ़आइआर दर्ज की थी। इन सभी मामलों में ईडी की ओर से प्रतिवेदन दिया गया था। ईडी की ओर से एसीबी को भेजे प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया था कि पीएमएलए के तहत उपरोक्त मामलों में कार्यवाही की गई है।

ईडी के अनुसंधान में इन प्रकरणों में आइपीसी की विभिन्न धाराओं तथा लोकसेवकों द्वारा गड़बड़ी के पुष्ट संकेत मिले हैं, अतः नियमों के अनुसार यह प्रतिवेदन एसीबी को प्रेषित है, ताकि उपयुक्त धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

रायपुर सेंट्रल जेल में लंबे समय से महादेव एप सट्टेबाजी, कोयला घोटाला और शराब घोटाले केस से जुड़े दो दर्जन से अधिक आरोपित बंद हैं। ईडी की स्पेशल कोर्ट में एसीबी की ओर से तीन आवेदन पेश किए गए थे। आवेदन में कहा गया था कि स्कैम मामले में आगे की जांच के लिए जेल में बंद आरोपितों से पूछताछ करना जरूरी है। कोर्ट ने आवेदन को स्वीकार करते हुए जेल में ही पूछताछ की अनुमति दी है।

शराब घोटाले मामले में जेल में बंद ट्रांसपोर्टर अरविंद सिंह, महादेव सट्टेबाजी में निलंबित एएसआइ चंद्रभूषण वर्मा, कार चालक असीम दास, निलंबित कांस्टेबल भीम यादव, सतीश चंद्राकर और कोयला घोटाला मामले में समीर बिश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, खनिज अधिकारी शिवशंकर नाग, सुनील अग्रवाल, नायर आदि से पूछताछ की गई। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जमानत पर बाहर अनवर ढेबर समेत अन्य से पूछताछ की जाएगी। इन तीनों मामलों में जेल में बंद आरोपितों से पूछताछ के बाद एसीबी की जांच और कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

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