SATTA : प्रतिबंध के बाद भी बीच सट्टेबाज लगा रहे लोकसभा चुनाव के लिए बोली, महादेव, अन्ना रेड्डी एप पर लग रहा दांव

रायपुर। केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 के नवंबर में सट्टेबाजी में लिप्त आनलाइन महादेव एप सट्टा एप सहित अन्य को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बावजूद आज भी महादेव एप, अन्ना रेडी एप चल रहे हैं। संसदीय चुनाव की घोषणा के साथ ही एप पर सट्टेबाजी का भाव लगना शुरू हो गया है। आनलाइन सट्टा बाजार का अनुमान है कि भाजपा 400 पार नहीं जा पाएगी। सट्टा बाजार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 43 सीटें देने का अनुमान जता रहा है। जिसमें छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और दिल्ली में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलने का अनुमान भी शामिल है। भाजपा एक तरफा जीतेगी, लेकिन 543 में से 331 सीटें ही खाते में आएगी। वहीं सरकार बनाने का दावा कर रही कांग्रेस 43 सीट पर सिमटेगी।

पुलिस, ईडी और ईओडब्ल्यू कर रही जांच

भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को महादेव आनलाइन सट्टा एप संचालित करते हैं। ये दुबई सहित अन्य जगहों में रह कर सट्टा संचालित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों की पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस के साथ ईडी और ईओडल्यू भी अब कार्रवाई में जुट गई है। इसमें कुछ लोगों को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ की 11 सीट बीजेपी के खाते में

सट्टा बाजार का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलेगी। पिछले चुनाव में दो सीटें बस्तर और कोरबा जीतने वाली कांग्रेस इस बार जीरो पर रहेगी। वहीं भाजपा सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

दूसरे राज्यों की यह है स्थिति

सट्टा बाजार के चल रहे भाव के अनुसार छत्तीसगढ़ के अलावा बीजेपी को गुजरात में 26 सीट, राजस्थान में 23-25 सीट, मध्य प्रदेश में 29 सीट, उत्तराखंड में पांच, दिल्ली में सात और हिमाचल प्रदेश में चार सीट मिल रही है। वहीं सट्टा बाजार भाजपा को छत्तीसगढ़ 60-80 पैसे, राजस्थान में एक रुपये, गुजरात में 40-50 पैसे, दिल्ली में 50-60 पैसे का भाव दे रहा है।

इस तरह काम करता है सट्टा बाजार

लोगों का चुनावों के रुझान और परिणाम में दिलचस्पी देखते हुए सटोरिए और दलाल सक्रिय हुए और इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग करके पूरा नेटवर्क बनाया। सट्टा बाजार से जुड़े लोग दावा करते हैं, कि चुनाव का सटीक अनुमान बनाने के लिए वे ग्राउंड रिपोर्ट पर भी काम करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर एनालिसिस कर बाजार में रुझान बताते हैं।

बंद करना मुश्किल

साइबर एक्सपर्ट के अनुसार आनलाइन बैटिंग एप को बंद करना मुश्किल है। इसकी वजह यह है कि यह प्ले स्टोर में नहीं है। इसके लिए खेलने वालों को सीधे आइडी दी जाती है। ग्राहक सीधे रिचार्ज कर आसानी से पैसे जमा कर मैच खेलता है। इतना ही नहीं जब तक मुख्य आरोपित नहीं पकड़े जाते तब तक बंद करना मुश्किल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds