POLITICS : नक्सली क्षेत्र में 20 किमी सड़क मार्ग से चलकर कार्यकर्ताओ से मिलने बेनूर पहुचे सीएम साय, मिलने के लिए उमड़ी क्षेत्र की जनता

नारायणपुर। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने और बस्तर लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के लिए बेनूर में भाजपा के द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। भारी बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के लिए बनाए गए हेलीपैड में खेत का पानी पहुंच जाने से हेलीकॉप्टर को नारायणपुर में उतारा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री साय जिला मुख्यालय से बेनूर तक 20 किमी सड़क मार्ग से बारिश के बीच कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए पहुंचे। नक्सलियों के टीसीओसी के दौरान मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही बैनूर पहुंचा वहां कार्यकर्ताओं के द्वारा तालियां बजा कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्वागत किया गया।

बता दें कि, जिले के इतिहास में यह पहला मौका है जब 20 किलोमीटर तक का सफर तय कर कोई मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए सड़क मार्ग से पहुंचा हो। सत्ता परिवर्तन के बाद बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान के दौरान मुख्यमंत्री का सड़क मार्ग से पहुंचना सुरक्षा का बड़ा संदेश दे रहा है। बारिश की वजह से कार्यकर्ताओं में मायूसी थी कि, सीएम का दौरा नहीं होगा लेकिन मुख्यमंत्री ने सड़क से पहुंचकर कार्यकर्ताओं के चेहरे में खुशियां बिखेर दी।

लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत को मांगने के लिए आए हैं : सीएम साय

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, वे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत को मांगने के लिए आए हैं। 10 साल से देश उन्नति के शिखर पर चल रहा है इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि, डबल इंजन की सरकार से देश और प्रदेश का विकास होगा।

कांग्रेस छत्तीसगढ़ में प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही : केदार कश्यप

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, कांग्रेस छत्तीसगढ़ में प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस की डूबती नैया को देखकर कोई आगे नहीं आ रहा है। प्रियंका वाड्रा और राहुल गांधी को यहां से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि, नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो बस्तर से लोकसभा सीट को जिताना होगा। कार्यक्रम के दौरान बारिश पर शायराना अंदाज से वन मंत्री ने कहा, आसमान की जिद है यहां बारिश करने की तो हमारी भी जिद है बस्तर में कमल खिलाने की।

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