खरमास की शुरुआत 14 मार्च से, इन शुभ कार्यों पर लगेगी रोक, रोज करें सूर्य मंत्र का जाप

सनातन धर्म में खरमास का संबंध भगवान सूर्य से माना गया है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, सूर्य देव के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने के दौरान खरमास की शुरुआत होती है। ज्योतिष के मुताबिक, धनु और मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक, खरमास साल में दो बार लगता है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं होते हैं।

जानें कब से कब तक रहेगा खरमास

हिंदू पंचांग के मुताबिक, 14 मार्च को सूर्य देव दोपहर 12.36 बजे कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस पल से ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद जब 13 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे, तब खरमास समाप्त होगा।

इस दौरान न करें ये काम

खरमास की अवधि को शुभ समय नहीं किए जाते हैं। इस दौरान शादी, विवाह करना वर्जित होता है। साथ ही संपत्ति खरीदना, घर खरीदना और नया कारोबार शुरू शुभ नहीं होता है। इसके अलावा गृह प्रवेश करना या नया वाहन भी नहीं खरीदना चाहिए। खरमास में खुद को शांत रखना चाहिए और तामसिक भोजन करने बचना चाहिए।

सूर्य मंत्र का करें जाप

ॐ सूर्याय नम:

ॐ घृणि सूर्याय नम:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ

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