‘चुनाव आयोग अब स्वायत्त संस्था नहीं’, अरुण गोयल के इस्तीफे पर उद्धव शिवसेना और राकांपा-एसपी का हमला

नई दिल्ली : चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे के एक दिन बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि भारत का चुनाव आयोग अब स्वायत्त संस्था नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा की एक विस्तारित शाखा के तौर पर काम करने लगा है। राकांपा शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की पार्टी की तरफ से भी अरुण गोयल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी ने बताया कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देना संदिग्ध प्रतीत होता है।
बता दें कि अरुण गोयल का कार्यकाल पांच दिसंबर, 2027 तक था। अगले साल फरवरी में वह राजीव कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) बन जाते। हालांकि, लोकसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
चुनाव आयोग अब स्वायत्त संस्था नहीं: संजय राउत
मीडिया से बात करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने अरुण गोयल के इस्तीफे पर कहा, “ईसीआई का अस्तित्व है या नहीं इसका कोई मतलब नहीं है। इसने 10वें शेड्यूल का पूरी तरह से उल्लंघन किया है और शिवसेना एवं राकांपा के विभाजन के मामलों में भाजपा के दवाब के बाद आदेश दिया है।”
उन्होंने आगे दावा करते हुए कहा, “चुनाव आयोग अब स्वायत्त संस्था नहीं है। यह कभी टीएम शेषन के समय हुआ करता था, लेकिन अब यह भाजपा की एक विस्तारित शाखा के तौर पर काम करता है। चुनाव आयुक्त के तौर पर अनूप पांडे की सेवानिवृत्ति के एक महीने के भीतर अरुण गोयल ने इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार तीन सदस्यीय चुनाव पैनल में अकेले रह गए। संजय राउत ने दावा किया कि अब ईसीआई में भाजपा के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा।”
एनसीपी शरदचंद्र पवार ने भी दी प्रतिक्रिया
राकांपा शरदचंद्र पवार के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का अचानक इस्तीफा संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अरुण गोयल को संदेह था कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं होगा, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया? कहीं उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई और इस वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। क्लाइड क्रैस्ट्रो ने सरकार से इसका जवाब मांगा है।