गणतंत्र दिवस परेड में आधी आबादी की पूरी भागीदारी का दिखेगा रंग, रश्मि ठाकुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली। कर्तव्य पथ पर देश के 75वें गणतंत्र दिवस परेड में आधी आबादी की पूरी भागीदारी का संदेश देते हुए इस बार समारोह के तेवर और कलेवर में बड़े बदलाव नजर आएंगे। राष्ट्रध्वज फहराए जाने के बाद पहली बार मिलिट्री बैंड की जगह परेड की शुरूआत 100 महिला कलाकार शंख, नादस्वरम, नगाड़ा जैसे भारतीय संगीत वाद्ययंत्र बजाते हुए करेंगी।
तीनों सेनाओं की महिला सैनिकों की एक संयुक्त टुकड़ी और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की संयुक्त महिला टुकड़ी भी मार्च करते हुए सलामी मार्च पास्ट की शुरूआत करेंगी। गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां की मौजूदगी में फ्रांस एयरफोर्स के दो राफेल समेत तीन विमान और फ्रांसीसी सेना का एक दस्ता परेड का हिस्सा बनेगा।
विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका थीम
विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका (जननी) थीम पर आधारित 75वीं गणतंत्र दिवस परेड महिला केंद्रित होने के साथ ही इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आमंत्रित 13000 विशेष मेहमानों के लिहाज से खास होगी। पेंटेट हासिल करने वालों से लेकर केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं में नजीर बनने वाले इन मेहमानों को विशिष्ट दर्शक दीर्घा में बिठाकर परेड का गवाह बनाया जाएगा।
झांकिया एकता और प्रगति की झलक बिखरेंगी
वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ केंद्र सरकार के मंत्रालयों की रंग-बिरंगी झांकिया देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता और प्रगति की झलक बिखरेंगी। गणतंत्र दिवस समारोह में आने-जाने के लिए दिल्ली मेट्रो की सेवाएं परेड के दौरान मुफ्त रहेंगी। वंदे भारतम के तीसरे संस्करण के तहत करीब 200 देश भर से चुनी गई महिला कलाकार सलामी मंच के सामने अपने गीत-संगीत के धुन से राष्ट्रभक्ति का जोश भरेंगी।
महिलाओं का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों पर रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि इस साल परेड में महिलाओं का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। सुबह साढे दस बजे शुरूआत होगी और 90 मिनट के इस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर करीब 77,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है जिसमें से 42,000 सीटें आम जनता के लिए आरक्षित हैं। इनमें से अधिकांश टिकटें बिक गई हैं।