28 नवंबर से शुरू होगा मार्गशीर्ष माह, इस दौरान इन बातों का रखें ध्यान

सनातन धर्म में मार्गशीर्ष माह का धार्मिक महत्व है। इसको अगहन माह भी कहकर बुलाया जाता हैं। मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय है। कार्तिक पूर्णिमा के खत्म होने के बाद से ही मार्गशीर्ष माह की शुरुआत हो जाती है। मार्गशीर्ष माह की शुरुआत 28 नवंबर 2023 को हो रही है। मार्गशीर्ष माह में कुछ नियम हैं जिनको कर लाभ पाया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी ने विस्तार से बताया है कि हमें मार्गशीर्ष माह में क्या करना चाहिए।

मार्गशीर्ष माह में क्या करना चाहिए?

मार्गशीर्ष माह के बारे में कहा जाता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय है। मार्गशीर्ष माह में पूजा करते समय ‘ॐ दामोदराय नमः’ मंत्र का जाप करें। इसका 108 बार उच्चारण करें। यह करने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

श्रीकृष्ण के प्रिय भगवत गीता, गजेंद्र मोक्ष और विष्णु सहस्त्रनाम है। इस माह का इनका पाठ सभी को करना चाहिए। ऐसा करने से आपके किए गए पाप खत्म हो जाएंगे। आप जीवन में जो भी चाहते हैं सभी मिलेगा।

मार्गशीर्ष माह में शंख को पूजें। शंख में गंगाजल को डाल पूरे घर में छिड़क दें। झल को छिड़कने से आपके घर में हो रही कलह दूर हो सकती है। आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी, जिससे घर में सुख-समृद्धि आएगी।

‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ एक चमत्कारी मंत्र है। इस मंत्र का मार्गशीर्ष माह में जरूर जाप करें। पूजा के दौरान तुलसीजल भगवान विष्णु (भगवान विष्णु मंत्र) पर अर्पित करें।

मार्गशीर्ष माह में कृं कृष्णाय नम: मंत्र का दिन में 108 बार जाप करने से संतान की प्राप्ति होगी। मंत्र का जाप करने के बाद कपूर लाकर तुलसी की परिक्रमा करें। आपके ऐसा करने से मनचाही मुराद पूरी होगी।

मार्गशीर्ष माह में लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपको मनोकामना पूरी नहीं होगी।

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