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Chhattisgarh Elections 2023 : जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही, कई मामलों में एक से हैं कांग्रेस-भाजपा

POLITICS November 9, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
Chhattisgarh Elections 2023 : जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही, कई मामलों में एक से हैं कांग्रेस-भाजपा

Chhattisgarh Elections 2023 : जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही, कई मामलों में एक से हैं कांग्रेस-भाजपा

रायपुर। नक्सलवाद से जूझते 23 साल के जवान छत्तीसगढ़ को रेवड़ी संस्कृति बुढ़ापे की ओर धकेल रही है। अपने तीन कार्यकाल में ‘चाउर वाले बाबा’ ने इसे आगे बढ़ाया। उनके बाद ‘कका’ दो कदम आगे निकल गए। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ने रेवड़ी संस्कृति को और ऊंचाइयां देने का संकल्प दोहरा दिया है। धान के कटोरे में मुद्दों की फसल काटने की होड़ भी कम नहीं है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धान काटते हुए फोटो सामने आने के बाद चुनावी चर्चाओं में यह जुमला आम है…जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही। मतलब जो जैसा धान कूटेगा, वह वैसा चावल पाएगा।

रेवड़ियों और मुद्दों की खिचड़ी बनाए जाने के बीच हकीकत यह है कि प्रदेश को तरक्की की राह पर ले जाने के लिए नया हाईवे बनाना तो दूर, पहले से खस्ताहाल राजमार्ग को सुधारने तक का वादा किसी ने नहीं किया। इस मामले में बस्तर और सरगुजा संभाग की हालत सबसे खराब है। दोनों दलों के चुनावी घोषणापत्रों पर मतदाताओं की निराशा साफ नजर आती है। पंडरी बस स्टैंड स्थित चाय की दुकान पर दवा कंपनियों के कुछ प्रतिनिधि कांग्रेस की ओर से कर्जमाफी जारी रखने के साथ जातिगत गणना और केजी से पीजी तक मुफ्त पढ़ाई की घोषणा को भाजपा से अतिरिक्त मान रहे थे।

एक मल्टीनेशनल कंपनी में दवा प्रतिनिधि अक्षय प्रजापति का मानना था, कर्जमाफी से किसानों को राहत मिलती रहेगी। मुफ्त शिक्षा से गरीबों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी। पर जातिगत गणना से हमें क्या लाभ? सत्तारूढ़ दल ने विकास को मुद्दा ही नहीं समझा। एक अन्य दवा प्रतिनिधि राकेश टवरी ने कहा, भाजपा ने राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) बनाने, एम्स जैसेर अस्पताल, तकनीकी शिक्षा संस्थान, निचले तबके के लिए आवास जैसी अच्छी घोषणाएं की हैं। सड़क नेटवर्क सुधारने या फिर नए हाईवे बनाने की बात बेहतर होती। उन्होंने कहा, बड़े शहरों को छोड़ दें तो कई जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति बहुत ही खराब है।

युवाओं की फिक्र सिर्फ वोट हासिल करने के लिए
प्रतियोगी छात्र संजय छुगानी बोले, हमारी फिक्र तो वोट के लिए दिखाई जाती है। लेकिन, बेरोजगारी दूर करने के वादे पर कोई भी खरा नहीं उतरता। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग तक में धांधली चल रही है। विकास का मुद्दे छेड़ने पर उन्होंने कहा, कभी हमारे शहर आइए। कहने को नगर निगम है पर चलने को ढंग की सड़क नहीं है। अंबिकापुर की दूरी हमारे यहां से लगभग पौने दो सौ किमी है, लेकिन बस का सफर आठ से नौ घंटे में पूरा होता है।

सड़क संपर्क अच्छा होने पर ही आएगा निवेश
वरिष्ठ पत्रकार सुंदरलाल देवांगन का कहना है कि रेवड़ियां बांटने में सत्तारूढ़ दल कहीं आगे मिलता है। विकास के मसले पर भाजपा ने कई घोषणाएं की हैं। प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने की भी पहल की है। निवेश तो तभी आएगा, जब सड़क संपर्क अच्छा होगा। चुनावी रेवड़ियां बांटने की होड़ में दोनों दलों ने ध्यान नहीं दिया। पिछले 20 सालों की सरकारों में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा बेहतर रही।

दोनों दलों की ये घोषणाएं लगभग समान

कांग्रेस
धान का एमएसपी 3,200 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीद
भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, गैस सिलिंडर पर 500 रुपये सब्सिडी
17.5 लाख गरीब परिवारों को मिलेंगे आवास, 10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त।
युवाओं को उद्योग लगाने के लिए 50 फीसदी सब्सिडी पर कर्ज

भाजपा

धान का एमएसपी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद
भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार और शादीशुदा महिलाओं को 12 हजार, 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर
पीएम आवास योजना में लंबित 18 लाख आवासों का निर्माण पूरा कराएंगे, आयुष्मान भारत योजना में हर परिवार को 5 से 10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
उद्योगों स्थापना पर 50 फीसदी सब्सिडी के साथ बिना ब्याज के कर्ज

भाजपा के पास नया क्या
प्रदेश में 500 नए जनौषधि केंद्र खोलने की बात कही है। इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ की शुरुआत, रायपुर, नया रायपुर, भिलाई और दुर्ग को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के गठन और हर संभाग में आईआईटी की तर्ज पर सीआईटी व एम्स जैसे सिम्स की स्थापना का वादा किया है। जीपीएससी की भर्तियों में पारदर्शिता लाने और पीसीएस भर्ती घोटाले की जांच का एलान किया है।

कांग्रेस के पास नया क्या
लघु और कुटीर उद्योगों के लिए सात सौ नए ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का वादा किया है। सभी सरकारी विद्यालयों को स्वामी आत्मानंद स्कूल में तब्दील करने, सरकारी स्कूल-कॉलेजों में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, परिवहन व्यवसायियों और महिला स्वसहायता समूहों के कर्ज माफ करने का वादा किया है। इसके अलावा जातिगत गणना का एलान भी किया है।

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