चुनाव आयोग से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, महादेव एप को लेकर बेतुके बयानों की शिकायत की

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे चुनावों के बीच महादेव ऐप एक गंभीर मुद्दा बन गया है और इसपर राजनीति भी खूब हो रही है। बीते दिनो एक वीडियो जारी हुआ था, वीडियो जारी करने वाले युवक ने अपना नाम शुभम सोनी बताया और खुद को महादेव ऐप का मालिक बताते हुए सीएम भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये देने का दावा करता हुआ वह युवक दिखाई दिया था। जिसके बाद बीजेपी सीएम भूपेश बघेल और कांग्रेस पर हमलावर हो गयी है। बाद में केंद्र सरकार ने इस पर एक्शन लेते हुए महादेव ऐप समेत 22 एप्प्स पर प्रतिबंध लगा दिया। बुधवार को महादेव ऐप के मामले को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, उदित राज और तारिक अनवर शामिल थे।

बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बातचीत में बताया कि, चुनाव आयोग से हमने पहले ही समय मांगा था, लेकिन पहले चरण की पोलिंग से पहले हमें समय नहीं मिल पाया, आज इलेक्शन कमीशन द्वारा हमें बुलाया गया था। यह मामला संविधान के मूल ढांचे पर एक गंभीर अघात है। श्री सिंघवी ने कहा कि, 12 महीने पहले जब महादेव ऐप को लेकर जांच शुरू की गई थी और 500 के आस-पास गिरफ्तारी भी की गई थी। प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल ने 30 अगस्त को केंद्र सरकार से मांग की थी कि, महादेव ऐप को बैन कर दिया जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ अब ऐन चुनाव के वक्त दिन-प्रतिदिन बेतुके बयान दे रहे हैं।

चार्जशीट में जिनके नाम आए उनके ऐप से क्‍या संबंध?

उन्होंने आगे कहा कि, इस मामले पर मिनिस्टर ऑफ आईटी कहते हैं कि, 6 तारीख को इसलिए बैन किया गया क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले मांग नहीं की थी, क्या केंद्र सरकार राज्य सरकार के कहने से काम करती है। श्री सिंघवी ने कहा कि, चार्जशीट में जिनके नाम सामने आए हैं उनका महादेव ऐप से क्या संबंध है? यह क्यों नहीं बताया गया है और अब सब कुछ चुनाव के एक सप्ताह पहले क्यों किया रहा है।

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