टिकिट कटने से नाराज कांग्रेसी विधायको के दिखाए बगावती तेवर, इस्तीफों का दौर जारी

रायपुर। पिछले विधानसभा चुनाव में अच्छे खासे मतों के साथ चुनाव जीतने वाले विधायकों की टिकट काटकर कांग्रेस ने नए चेहरों पर भरोसा दिखाया है। कांग्रेस की पहली सूची में आठ विधायकों की टिकट काटे जाने से बवाल की स्थिति निर्मित हो गई है। ऐसी चर्चा है कि, नाराज विधायकों ने एक बैठक बुलाई है जिसमें वे एक साथ कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। इधर विधायक समर्थक लगातार इस्तीफा सौंप रहे हैं। वहीं डोंगरगढ़ के विधायक भुनेश्वर बघेल ने यहां तक कह दिया कि कुछ पार्टियां उनसे लगातार संपर्क कर रही है। इधर पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर ने भी प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
टिकट करने से कांग्रेसी विधायकों में नाराजगी
नवरात्र के पहले दिन कांग्रेस ने अपनी पहली सूची जारी कर आठ विधायकों की टिकट काट दी है। उनके स्थान पर नए चेहरों को टिकट दी है। कांग्रेस ने खुज्जी विधायक छन्नी साहू, डॉगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, पंडरिया से ममता चंद्राकर, चित्रकोट से राजमन बैंजाम, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा, अंतागढ़ से अनूपनाग, नवागढ़ से गुरूदयाल बंजारे तथा कांकेर से शिशुपाल सोरी को टिकट नहीं दी है। आज सुबह जैसे ही पहली सूची जारी हुई, इन इलाकों में बवाल की स्थिति निर्मित हो गई है।
बताया जाता है कि जिन विधायकों की टिकट कटी है, वे आपस में एकजुट हो रहे हैं और एक-दो दिनों के भीतर बैठक भी आहूत की जा रही है। जिसमें वे एक साथ कोई बड़ा निर्णय भी ले सकते हैं। इधर नांदगांव सीट से गिरीश देवांगन को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। डोंगरगढ़ विस क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा दे दिया गया है। इधर पंडरिया में भी विधायक समर्थकों में अच्छा खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। विधायकों का कहना है कि पिछला विस चुनाव में उन्हें अच्छी खासी लीड़ भी मिली थी। इस बार सर्वे में उनका नाम टॉप पर था, लेकिन पार्टी ने न सर्वे का ध्यान रखा और न ही पिछले रिकार्ड का ।
दूसरी पार्टियों से भी है ऑफर
डॉगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बचेल ने टिकट काटे जाने पर कहा, दूसरी पार्टियों से हमें ऑफर है। कार्यकर्ता इस्तीफा देने के लिए तैयार ढैठे हैं। पांच साल पार्टी के लिए काम किया। चुनाव में दूसरी बार उतरने के लिए यहां पर ब्लॉक अध्यक्षों के साथ ढ़ से मिलकर काम किया। अब टिकट देने के बारी आई तो दूसरे को दे दिया गया। सूची आने के बाद से कार्यकर्ताओं मे भारी रोष है। कई ब्लॉक अध्क्ो ने इस्तीफा दे दिया है। युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष भी इस्तीफा देने तैयार है। उन्होंने पहली बार यहां से 35000 वोटों से जीतकर विधायक बना था।
हाईकमान ने सोच समझ कर लिया होगा
कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी ने कहा कि, कांग्रेस हाईकमान ने सोच समझ कर निर्णय लिया होगा। अपने पांच साल के कार्यकाल में जनता से जुड़े मामले लोगों उठाता रहा। अपने कार्यकाल से मैं संतुष्ट हं। आगे भी अपना काम करता रहूंगा।
हाई कमान ने किस आधार पर नाम तय किया है वो ही जाने
खुज्जी विधायक छल्नी साहू ने कहा कि 2018 मे मुझे टिकट दिया गया था। मनरेगा मजदूर के रूप काम किया, पार्टी े मुझे टिकट दिया। मैनें हमेशा जनता का मुद्दा सदन में छाती रही। अपने स्वार्थ के लिए कोई मुद्दा नहीं उठाया। सरकार और संगठन ने इसे किस रूप में लिया, वो जाने । पद में रहने के दौरान जनता के हित के लिए किए जाने वाले काम करती रही, आगे भी जनता के लिए काम करती रहूंगी। हाई कमान ने किस आधार पर नाम तय किया है वो ही जाने ।
दिल्ली से खाली हाथ लौटी ममता
बीते करीब हप्तेभर से टिकट पाने की जद्दोजहद में देश की राजधानी दिल्ली में डेरा डालने वाली जिले की पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर रविवार सुबह प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा उनका टिकट काटने के बाद खाली हाथ वापस लौट आई है। कांग्रेस कमेटी की इस घोषणा के बाद जहां मौजूदा विधायक ममता चंद्राकर के समर्थकों और खुद ममता चंद्राकर के चेहरे में भारी निराशा दिखाई दे।
निर्दलीय लड़ने नारेबाजी
कांग्रेस ने कांकेर जिले के तीन विधानसभा में दो विधानसभा कांकेर और अंतागढ़ के विधायक की टिकट काट दिया है। अंतागढ़ विधानसभा के विधायक अनूप नाग के सर्मथक लगातार उनके निवास पहुंचकर निर्दलीय लड़ने की नारेबाजी करते रहे। उनका नारा था अंतागढ़ में अनूप नहीं, तो कांग्रेस नहीं । कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी का टिकट कटने के बाद उन्होंने अपना मोबाईल बंद कर दिया है। विधायक के समर्थकों का कहना है कि हम लोग उनके निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। हमारी मानेंगे तो टिकट काटकर पुराने चेहरे को टिकट देना गलत है, उनका टिकट जिस कारण से काटा गया था, वो कारण आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है।