भारतीय मूल की गीतांजलि को अमेरिका की प्रथम महिला ने किया सम्मानित, जानें 17 वर्षीय को क्यों मिला पुरस्कार

वाशिगठन : भारतीय अमेरिकी किशोरी आविष्कारक गीतांजलि राव को देश भर में अपने समुदायों में बदलाव का नेतृत्व करने और एक उज्जवल भविष्य को आकार देने के प्रयास के लिए अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने सम्मानित किया है। उनके साथ 14 अन्य युवा महिला नेताओं को भी सम्मानित किया गया है।

‘गर्ल्स लीडिंग चेंज’ समारोह में किया गया सम्मानित

17 वर्षीय वैज्ञानिक को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर व्हाइट हाउस में आयोजित ‘गर्ल्स लीडिंग चेंज’ समारोह में सम्मानित किया गया था। इस सम्मान के बाद गीताजंलि राव ने कहा, ‘व्हाइट हाउस में ‘गर्ल्स लीडिंग चेंज’ समारोह का जश्न मनाना मेरे लिए सम्मान की बात है।’

अन्य 14 युवा महिलाओं को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘ये युवा महिलाएं पृथ्वी की रक्षा और संरक्षण कर रही हैं। मन बदलने के लिए ये कहानियां लिखती है और उसे साझा करती हैं और साथ ही अपने दर्द को उद्देश्य में बदलती हैं। वे पूरे देश में युवाओं का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखती हैं। मैं आशा करती हूं कि उनके आविष्कार और शक्तियों से सभी सीखें।’

गीतांजलि राव हाइलैंड्स रेंच, कोलोराडो की एक वैज्ञानिक हैं, जिनके सीसा संदूषण का पता लगाने वाले उपकरण ने उन्हें ईपीए राष्ट्रपति पुरस्कार और डिस्कवरी एजुकेशन/3एम द्वारा अमेरिका के शीर्ष युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार दिलाया। विज्ञप्ति के अनुसार उनकी किताब यंग इनोवेटर्स गाइड टू एसटीईएम का उपयोग विश्व स्तर पर कई स्कूलों में एसटीईएम पाठ्यक्रम के रूप में किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds