‘हिंसा भड़काने वाले वीडियो-तस्वीरों को फैलाने वाले पर होगी कड़ी कार्रवाई’, राज्य सरकार ने दिया आदेश

इंफाल : मणिपुर में पांच महीने से अधिक समय से हिंसा जारी है। इस बीच, हिंसाओं से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। पहले महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने फिर दो मैतेई युवकों को गोली मारने की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। अब राज्य सरकार ने हिंसा को भड़काने वाली वीडियो को लेकर सख्ती की है। उन्होंने राज्य में हिंसा और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी वीडियो को जो भी बढ़ावा देगा उस पर मामला दर्ज किया जाएगा।

सोशल  मीडिया पर वायरल वीडियो से भड़क रही हिंसा

बता दें, यह आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लगातार वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने के बाद आया है। हाल ही में, दो मैतेई युवकों को गोली मारकर फिर कुकी भाषा बोलने वाले लोगों के एक समूह द्वारा उन्हें गड्ढे में दफनाने का वीडियो सामने आया था। हालांकि, अभी तक घटनास्थल और दफनाने की जगह का पता नहीं चल पाया है।

आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई

मणिपुर गृह विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि सरकार ने मामले की जांच के बाद हिंसा भड़काने वाले वीडियो और तस्वीरों को फैलाने से रोकने का फैसला किया है। ऐसी कोई तस्वीर या वीडियो जो हिंसा को भड़का सकती हैं, उन्हें अपने पास न रखें। इन तस्वीरों को पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई के लिए जमा कर सकता है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसी ने इन नियमों को नहीं माना तो उसे सख्त सजा दी जाएगी। उस पर आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।आदेश में कहा गया कि राज्य में हालात सामान्य करने के लिए ऐसी वीडियो और तस्वीरों को फैलाने से रोकना होगा।

इस घटना के बाद सख्ती

सितंबर में इंफाल घाटी में दो लापता युवकों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों और पुलिस की कार्रवाई में 100 से अधिक छात्र घायल हो गए थे, जिनमें ज्यादातर लड़कियां थीं।

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