पूर्व राज्य सभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने पार्टी के पद छोड़ने की पेशकश की

रायपुर : पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने पार्टी के सभी पद छोड़ने की पेशकश की है। उन्होंने इच्छा जताई है कि बिना किसी पद पर रहे पार्टी के लिए काम करेंगे। रणविजय की नाराजगी की बात उसे समय चर्चा में आई जब उन्होंने भाजपा के कुछ व्हाट्सएप गुप से अपने आप को अलग कर लिया।
रणविजय सिंह जूदेव ने कहा कि, हमारे परिवार की चौथी पीढ़ी है, हमारे दादा जी स्व. राजा विजय भूषण सिंह ने राम राज परिषद फिर जनसंघ के लिए काम किया। चाचा स्व. कुमार दिलीप सिंह भाजपा के शीर्ष नेता रहे । हमारी पीढ़ी एवं अब हमारे बच्चे भी भारतीय जनता पार्टी के लिए समर्पित हैं। वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव से पहले रणविजय सिंह जूदेव के इस कदम को उनकी नाराजगी से जोड़ा जा रहा है। चर्चा है कि वे पार्टी की मुख्यधारा में आकर चुनाव लड़ने के इच्छुक भी हैं। लेकिन पहले ही इस परिवार के दो सदस्यों का नाम विधानसभा चुनाव लड़ने वालों के दावेदारों में शामिल है। फिलहाल वरिष्ठ नेता इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
मिली थी राज्यसभा
2013 में कुमार दिलीप सिंह जूदेव के निधन के बाद जशपुर जिले में भाजपा के लिए वैक्यूम क्रिएट हो गया था। इसके बाद रणविजय की मेहनत का परिणाम रहा कि भाजपा जशपुर जिले की तीनों सीटों पर विजयी रही। तब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा । 2018 के चुनावों में भाजपा ने रणविजय कोई जिम्मेदारी नहीं दी, तब जशपुर जिले की तीनों सीट पर पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
उस चुनाव में जशपुर जिले की तीनों सीट के साथ साथ चंद्रपुर सीट पर भी संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव हार गई थी। संयोगिता इस बार फिर चुनाव मैदान में रहेंगी। उनके अलावा इस परिवार से प्रबल प्रताप सिंह का भी नाम चल रहा है। फिलहाल भाजपा की प्रशिक्षित सूची जारी होने के बाद ही पता चलेगा कि जूदेव परिवार को कितनी अहमियत मिली और रणविजय की नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी क्या कर रही है।