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BJP में बगावती सुर : प्रत्याशी को लेकर विरोध, बैठक कर कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश भी नाकाम, साव बोले- नहीं बदलने वाला टिकट…

Chhattisgarh September 29, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
BJP में बगावती सुर : प्रत्याशी को लेकर विरोध, बैठक कर कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश भी नाकाम, साव बोले- नहीं बदलने वाला टिकट…

BJP में बगावती सुर : प्रत्याशी को लेकर विरोध, बैठक कर कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश भी नाकाम, साव बोले- नहीं बदलने वाला टिकट…

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजिम विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी घोषणा के बाद भाजपा के पुराने और दिग्गज नेताओं की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. इसी कड़ी में जिले के सिरकट्टी आश्रम में सनातन रक्षा मंच के बैनर तले भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिग्गज नेताओं ने प्रत्याशी बदलने को लेकर बैठक कर अपनी नाराजगी जाहिर की है. असंतुष्ट भाजपाइयों की यह दूसरी बड़ी बैठक है, जिसमें भाजपा के प्रदेश संदीप शर्मा, श्वेता शर्मा, मुरलीधर सिन्हा, रामु राम साहू, जितेंद्र सोनकर ,अशोक राजपूत, संजीव चंद्राकार, सरद परकार,अशोक साहू जैसे विधानसभा क्षेत्र के बड़े नेता समेत 100 से भी ज्यादा कार्यकर्ता मौजूद थे. इन्हीं की मौजूदगी में नेताओं ने बदलबो बदलबो रोहित साहू ला बदलबो का नारा लगाया.

टिकट के ऐलान के बाद लगातार विरोध जारी रहा. मान-मनावल के लिए कई बड़े नेताओं ने अलग-अलग तरीके से बैठक ली. सभी असंतोष नेताओं ने बड़े नेताओं समेत केंद्रीय नेतृत्व तक अपनी बातें रखी. इस बीच राजिम विस चुनाव कार्यलाय उद्घाटन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव भी पहुंचे. साव ने मीडिया के सामने टिकट परिवर्तन के सवाल पर दो टूक जवाब देकर स्पष्ट कर दिया कि टिकट बदलने वाला नहीं. इस बयान के बाद अब असंतोष नेता खुलकर सामने आ गए हैं. भाजपा में दावेदार को लेकर बढ़ती नाराजगी इस बार कांग्रेस के सीट के लिए संजीवनी का काम कर सकता है.

बगावत नहीं असंतोष है

भाजपा नेता रामुराम साहू, श्वेता शर्मा, मुरली धर सिन्हा ने बैठक के बाद बाहर निकल कर मीडिया को दिए बयान में कहा है कि, पार्टी ने 18 माह पहले जोगी जनता कांग्रेस से आए रोहित साहू को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिसका विरोध बीजेपी कार्यकर्ता और नेता लगातार कर रहे हैं. राजिम विधानसभा के नाराज पार्टी के नेताओं का कहना है कि, उन्होंने अपनी बातों को पार्टी के शीर्ष नेताओं तक रखी है और उन्हें उम्मीद है कि, पार्टी उनकी मांगों पर जरूर विचार करेगी. वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का ये भी कहना है कि, उनकी मांगों पर पार्टी विचार नहीं करती तो राजिम विधानसभा में भाजपा को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और ऐसा करना उनका अधिकार है. यह बगावत नहीं जायज मांग को लेकर असंतोष है.

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