पाकिस्तानी सेना पर आतंकियों का भीषण हमला, 11 सैनिकों की मौत, टीटीपी ने कई गावों पर कब्जे का किया दावा

पेशावर: जिन आतंकियों को पाकिस्तान भारत के लिए पाल रहा था, अब वह उसके लिए ही मुसीबत बन गए हैं। पाकिस्तान में आतंकियों का एक भीषण हमला देखने को मिला है। पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के चित्राल जिले में दो बॉर्डर चौकियों पर तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 11 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई और 40 घायल हो गए। हालांकि पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR ने सिर्फ चार सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। एक रिपोर्ट यह भी कहती है कि 90 पाकिस्तानी सैनिकों का अपहरण कर लिया गया है।

ISPR ने कहा कि ‘आधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक बड़े समूह ने चित्राल जिले के कालाश इलाके में अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित दो सैन्य चौकियों पर हमला किया। मुठभेड़ के दौरान 12 आतंकवादी मारे गए, जबकि बड़ी संख्या में आतंकवादी गंभीर रूप से घायल हुए। द खोरासान डायरी कि रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी तालिबान के प्रवक्ता और एक प्रमुख कमांडर ने दावा किया कि टीटीपी लड़ाकों ने बड़ी संख्या में चित्राल के बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया।

पाकिस्तान के गांव पर कब्जा

चित्राल जिला अफगानिस्तान के कुनार, नूरिस्तान और बदख्शन प्रांत को जोड़ता है। टीटीपी कमांडर ने आगे कहा कि उन्होंने चित्राल जिले में ऑपरेशन शुरू किया है। कई गावों पर कब्जा कर लिया गया है। इसकी शुरुआत बुधवार की सुबह चार बजे से हुई। इसी रिपोर्ट में एक पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी का बयान शेयर किया गया जिसके मुताबिक जब हमला हुआ तब अफगानिस्तान की सीमा से भी फायरिंग हुई। किसी भी कब्जे की खबर को पाकिस्तान ने खारिज किया।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैनिक भिड़े

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैनिकों के बीच बुधवार को गोलीबारी हुई। इसके कुछ समय बाद ही पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को दोनों देशों के बीच की सीमा के एक प्रमुख ट्रांसिट पॉइंट को बंद कर दिया। इस घटना को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक कस्बे तोरखम के एक अधिकारी नसरुल्ला खान ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। साथ ही दोनों पक्षों के सीमा रक्षकों के बीच गोलीबारी की वजह का भी पता नहीं चल पाया है।

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