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सड़क का सवाल करना युवक को पड़ा भारी, आपा खोए कांग्रेस नेता ने जड़ दिए थप्पड़

Chhattisgarh September 1, 2023 रिपोर्टर: shailesh
सड़क का सवाल करना युवक को पड़ा भारी, आपा खोए कांग्रेस नेता ने जड़ दिए थप्पड़

सड़क का सवाल करना युवक को पड़ा भारी, आपा खोए कांग्रेस नेता ने जड़ दिए थप्पड़

बीजापुर : गांव की एक सड़क नहीं बनने को लेकर कांग्रेस नेता से सवाल करना एक युवक को भारी पड़ गया। गांव के ही सरपंच और भोपालपट्टनम के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश पांभोई ने युवक को सरेआम एक नहीं बल्कि तीन से चार थप्पड़ जड़ दिए। इतना ही नही कांग्रेस नेता ने युवक के साथ जमकर गाली गलौज भी की।

भोपालपट्टनम ब्लॉक के गोल्लागुड़ा में घटित घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसके बाद राजनीति भी जमकर हो रही है। भाजपा के स्थानीय आईटी सेल पदाधिकारियों ने वायरल वीडियो को फेसबुक अकाउंट पर साझा करते कांग्रेस की गुंडागर्दी करार दिया है, तो वहीं पीड़ित युवक को न्याय दिलाने समाज भी उठ खड़ा हुआ है।

करीब दो माह पहले भी इस तरह एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें कांग्रेस के एक नेता मुफ्त में खाद ना मिलने पर लेम्प्स प्रबंधक को खुलेआम गाली-गलौच और धमकी देते नजर आए थे। दरअसल भोपालपट्टनम के गोल्लागुड़ा का वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश पांभोई जो गांव के सरपंच भी हैं, नागेश लम्बाड़ी नाम के युवक से पहले तो उनकी बहस होती है। थोड़ी देर बाद वे हाथापाई पर उतर आते हैं।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि 15 साल से सरपंच रमेश से गली सड़क नहीं बनने पर ग्रामीण गुस्साए हैं। इसी मसले को लेकर जब सवाल किया गया तो रामेश आपा खो बैठे और गाली- गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आए। वहीं हाथापाई को स्वीकारते पामभोई का कहना है कि युवक ने उसे ऐसा करने उकसाया था। गाली की शुरुआत उसने की, जिससे उन्हें गुस्सा आया और वे खुद को रोक नहीं पाए।

मरार समाज ने में व्याप्त  रोष,  ठोस कदम उठाए जाने की कही बात

इधर दो दिन बीतने के बाद घटना की शिकायत थाने तक भले ना पहुंची हो, लेकिन वायरल वीडियो से मरार समाज में रोष है। मरार समाज के अध्यक्ष अप्पाराव लम्बाड़ी ने घटना को गम्भीर बताते हुए समाज की तरफ से ठोस कदम उठाए जाने की बात कही है। वहीं, स्थानीय लोगों की माने तो सरपंच की हरकतों से गांव के लोग परेशान हैं। सत्ता दल से ताल्लुक होने से उनकी एक नहीं सुनते। पद और रसूख का धौंस दिखाते हैं। नतीजतन गांव की मूलभूत जरूरतें जस की तस बनी हुई है। वहीं, चुनावी माहौल में भाजपा द्वारा इसे सोशल मीडिया पर मुद्दा बनाये जाने के बाद कांग्रेस ने इसे गम्भीरता से लिया है।

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