जंग लगे द्वितीय विश्व युद्ध के एक जहाज को लेकर क्यों भिड़े चीन और फिलीपींस, दक्षिण चीन सागर में युद्ध जैसे हालात

मनीला: दक्षिण चीन सागर चीन और फिलीपींस के बीच युद्ध का मैदान बना हुआ है। चीनी तटरक्षक के जहाज फिलीपींस की नौकाओं को उसके एक द्वीप पर रिसप्लाई लेकर जाने से रोक रहे हैं। इसके लिए चीनी जहाजों ने फिलीपींस की नौका पर वाटर कैनन से हमला भी किया है। बताया जा रहा है कि चीन और फिलीपींस के बीच विवाद की असली जड़ द्वितीय विश्व युद्ध का एक जहाज है, जो पिछले दो दशकों से अधिक समय तक विवादित जल में फंसे रहने के बाद अब जंग खा चुका है। इस जहाज का नाम बीआरपी सिएरा माद्रे है, जो फिलीपींस की नौसेना में कमीशन किया गया एक नौसैनिक पोत है।

सिएरा माद्रे क्या है?

सियरा माद्रे 100 मीटर (328 फुट) लंबा फिलीपीनी नौसेना का पोत है। इसका नाम पहले अमेरिकी टैंक लैंडिग जहाज यूएसएस एलएसटी-821 था। इस युद्धपोत ने द्वितीय विश्व युद्द के दौरान काम किया था। यूनाइटेड स्टेट्स नेवल इंस्टीट्यूट के अनुसार, बाद में इसका नाम बदलकर यूएसएस हार्नेट काउंटी कर दिया गया और वियतनाम युद्ध के दौरान तैनात किया गया था। जहां इसका इस्तामाल हेलीकॉप्टर गनशिप बेस के तौर पर किया गया था। युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका ने इस जहाज को फिलीपीन नौसेना को सौंप दिया गया, जहां बाद में इसका नाम बदलकर बीआरपी सिएरा माद्रे कर दिया गया।

यह चट्टान पर क्यों अटका हुआ है?

फिलीपीन सेना ने 1990 के दशक के अंत में अत्यधिक विवादित जल क्षेत्र में चीन की बढ़त को रोकने के प्रयास में जानबूझकर बीआरपी सिएरा माद्रे को सेकेंड थॉमस शोल पर रोक दिया था। फिलीपींस ने अपने जहाज को इसलिए सेकेंड थामस शोल पर रोका क्योंकि वह चीन की भाषा में ही उसे जवाब देना चाहता है। चीन ने उस वक्त पास में ही निर्जन पड़े मिसचीफ रीफ पर कब्जा जमा लिया था, जिस पर कुछ साल पहले फिलीपींस ने भी दावा किया था। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताने के लिए मिसचीफ रीफ समेत कई द्वीपों और बाहरी इलाकों को कृत्रिम, सैन्यीकृत द्वीपों में बदल दिया है।

सेकेंड थामस शोल द्वीप को जानें

सेकेंड थामस शोल स्प्रैटली द्वीप समूह में स्थित एक द्वीप है। यह पश्चिमी फिलीपीन द्वीप पालावान से लगभग 200 किलोमीटर पश्चिम में और चीन के निकटतम प्रमुख भूभाग हैनान द्वीप से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर है। इस द्वीप पर चीन जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, फिलीपींस भी हार मानने को तैयार नहीं है। पिछले दो दशकों से फिलीपींस और चीन के बीच इस द्वीप को लेकर विवाद जारी है। इस इलाके में कई बार फिलीपींस और चीन की नौसेनाएं भी आमने-सामने आ चुकी हैं। फिलीपींस जब भी इस द्वीप पर जाने का प्रयास करता है तो चीनी युद्धपोत उसकी नौकाओं का रास्ता रोक देते हैं।

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