सावन में रोजाना महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने से होते हैं ये लाभ

सावन के महीने में भगवान शिव के महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करना बहुत ही असरदार होता है। शिवपुराण में बताया गया है कि सावन के महीने में महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने के ढेरों फायदे होते हैं। मान्‍यता है कि सावन का महीना शिवजी को सबसे प्रिय है और इस महीने में महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने से भगवान शिव जल्‍द प्रसन्‍न होते हैं और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। आइए आपको बताते हैं सावन में महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने के लाभ और इसका सही उच्‍चारण।

ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

गंभीर रोग को दूर करने के लिए महामृत्‍युंजय मंत्र

अगर आपके घर में कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ा है और उस बीमारी से उसके मरने की आशंका आपको सता रही है तो आप अपने घर में महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करवा सकते हैं। अगर आप स्‍वयं नहीं कर सकते हैं तो किसी सिद्ध ब्राह्मण या फिर पुरोहित से इस मंत्र का जप करवा सकते हैं। ऐसी मान्‍यता है कि इस मंत्र में इतनी ताकत होती है कि यह गंभीर से गंभीर रोग को सही कर सकता है और रोगी को मौत के मुंह से बाहर निकाल सकता है।

अकाल मृत्‍यु से रक्षा के लिए महामृत्‍युंजय मंत्र

शिवपुराण में बताया गया है कि महामृत्‍युंजय मंत्र में अकाल मृत्‍यु को भी टालने की क्षमता होती है। अगर किसी के हाथ की रेखाओं में अकाल मृत्‍यु का योग है तो उसे रोजाना महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। यह मंत्र आपकी रक्षा करेगा। अगर किसी की कुंडली में गंभीर बीमारी से मरने या फिर किसी दुर्घटना से मरने के योग हैं तो महामृत्‍युंजय मंत्र के जप से आप उस पर भी जीत हासिल कर सकते हैं।

भय दूर करने के लिए महामृत्‍युंजय मंत्र

अगर आपका मन अशांत है या फिर आपको किसी प्रकार की अनहोनी का डर सताता है तो भी आपके लिए महामृत्‍युंजय मंत्र बहुत उपयोगी है। भविष्‍य पुराण में बताया गया है कि अगर आपको रात में सोते वक्‍त किसी प्रकार का डर लगता है तो आपको रोजाना कम से कम 108 बार महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। अपने घर में बच्‍चों को भी महामृत्‍युंजय मंत्र याद करवाइए और रोजाना उनसे स्‍नान के बाद यह मंत्र जपने को कहें।

धन वृद्धि के लिए महामृत्‍युंजय मंत्र का जप

अगर आप काफी समय से धन की कमी से जूझ रहे हैं तो सावन के महीने में महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने से आपको लाभ हो सकता है। ऐसा करने से आपको व्‍यापार में लाभ होगा और नौकरी में भी आपका रुकी हुई तरक्‍की होने लगेगी। इसके जप से काफी पुराना कर्ज चुकाने में भी सफल होंगे और आपको रुका धन प्राप्‍त होगा। यह मंत्र आपको शिवलिंग के समीप बैठकर करने से जल्‍द लाभ होगा।

महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करने के नियम

महामृत्‍युंजय मंत्र का जप कभी भी जमीन पर बैठकर न करें। हमेशा कोई आसन का प्रयोग करें। कुश का आसन प्रयोग करना सबसे अच्‍छा माना जाता है।

इस मंत्र का जप करने के लिए घर में या फिर मंदिर कोई जगह निर्धारित करें और रोजाना उसी स्‍थान पर बैठकर इस मंत्र का जप करें।

सदैव पूर्व दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जप करें। मंत्र का जप करते समय मन को एकाग्रचित रखें।

जितने दिन इस मंत्र का जप करें उतने दिन प्‍याज लहसुन और मांसाहार का प्रयोग भूलकर भी न करें।

महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करते समय ध्‍यान रखें कि इसका उच्‍चारण ठीक से हो और रोजाना इस मंत्र के जप की संख्‍या बढ़ाएं, कम न करें।

इस मंत्र का जप करते समय धूप और दीपक को सदैव जलाकर रखें।

इस मंत्र का जप करने के लिए सदैव रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds