बस्तर में डायरिया का कहर, एक पंचायत में 60 से अधिक मरीज, महिलाओं की संख्या ज्यादा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में इन दिनों डायरिया ने जमकर कहर बरपा रखा है. एक ही पंचायत के 60 से अधिक ग्रामीण डायरिया से पॉजिटिव मिले है, जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है. दरअसल पीएचई विभाग के द्वारा जांच के दौरान इस गांव के बोर के पानी में बैक्टीरिया की मात्रा अधिक पाई गई. जिसके चलते बारिश शुरू होने के साथ ही इस दूषित जल को पीकर लगातार ग्रामीण बीमार होते गए.

अब आलम यह है कि डायरिया से पॉजिटिव मरीजों की संख्या 60 के पार पहुंच गई है. इन मरीजों में कुछ मरीजों को डीमरापाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. साथ ही कई मरीज एमपीएम प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग खुद यहां कैंप लगाकर मरीजों को इलाज कर रहा है. गांव में डायरिया का कहर बढ़ने की वजह से खुद बस्तर कलेक्टर ने इस गांव का दौरा किया है,और लगातार हर एक ग्रामीणों की स्वास्थ्य परीक्षण करने का आदेश भी दिया है.

कलेक्टर ने बीएमओ को लगाई फटकार
दरअसल बस्तर जिले के तोकापाल ब्लॉक के सोसनपाल में पिछले कुछ दिनों से डायरिया का कहर है. शुरुआत में जांच के दौरान 5 से 6 मरीज पॉजिटिव पाए गए, लेकिन जिसके बाद तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ती गई. वर्तमान में मरीजों की संख्या 60 के पार पहुंच गई है. लगातार पॉजिटिव मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है. जिसके बाद तुरंत गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया. वहीं गंभीर रूप से बीमार ग्रामीणों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल कैम्प इंचार्ज आभा रानी ने बताया कि फिलहाल गांव में अभी स्थिति नियंत्रण में है. सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है. लगातार डायरिया से पॉजिटिव मरीज मिलने की वजह से यहां ग्रामीणों के द्वारा पीने में उपयोग किये जाने वाली पानी की जांच कराई गई, जिसमें अधिक बैक्टीरिया की मात्रा मिली है.

इलाज के लिए हर संभव मदद करने के आदेश दिए हैं
जिस वजह से इस पानी के सेवन से ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ रही थी. फिलहाल बोर को बंद करा दिया गया है. पानी टैंकर से गांव में पेयजल पहुंचाई जा रही है. इधर बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम ने भी खुद इस गांव का दौरा किया और मेडिकल कैंप में ग्रामीणों के इलाज के लिए हर संभव मदद करने के आदेश दिए हैं. साथ ही मरीजों को जमीन में लेटा कर उनका इलाज किए जाने से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को फटकार भी लगाई है. सभी मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था किए जाने के आदेश दिए हैं, हालांकि कलेक्टर ने वर्तमान में गांव में स्थिति नियंत्रण होने की बात कही है. डायरिया से पॉजिटिव मरीजों का इलाज भी जारी रहने की बात कही है. वहीं लगातार डायरिया का प्रकोप बढ़ने की वजह से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है. आसपास के ग्रामीण भी बारिश में पेयजल को लेकर अलर्ट हो गए है.

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