ओबामा ने 1 साल में 7 मुस्लिम देशों पर गिराए 26171 बम, मिला शांति का नोबेल, अब भारत को दे रहे ज्ञान

वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकार पर ज्ञान दिया है। ओबामा ने कहा है कि हिन्दू बहुसंख्यक भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा ध्यान देने योग्य है। यह वही ओबामा हैं, जिनके राष्ट्रपति रहते अमेरिका ने दुनिया के सात मुस्लिम देशों पर 26000 से ज्यादा बम गिराए।

अमेरिकी सेना के इन हमलों में हजारों नहीं बल्कि लाखों मुसलमानों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर निर्दोष आम नागरिक थे। इसके बावजूद ओबामा को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया। अब वही ओबामा भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकार और सुरक्षा पर भाषण दे रहे हैं। बड़ी बात यह है कि ओबामा को यह दिव्य ज्ञान तब आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं।

ओबाना ने मोदी को लेकर क्या बोला

बराक ओबामा ने पीएम मोदी के व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत के वक्त सीएनएन को इंटरव्यू देते हुए दुनियाभर के तानाशाहों को याद किया। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पीएम मोदी का नाम लेते हुए अपने कार्यकाल का बखान किया।

ओबामा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दुनियाभर के ऐसे नेताओं से भी मिलना पड़ा, जिन्हें वो लोकतांत्रित नहीं मानते हैं। इतना ही नहीं, ओबामा ने यह भी कहा कि उन्होंने जलवायु परिवर्तन और अन्य क्षेत्रों पर पीएम मोदी के साथ काम किया है। लेकिन, उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के बारे में चिंता व्यक्त करना भी कूटनीतिक बातचीत में शामिल होना चाहिए।

भारत के अल्पसंख्यकों पर दिया दिव्य ज्ञान

ओबामा ने आगे कहा कि हिन्दू बहुसंख्यक भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा ध्यान देने योग्य है। ओबामा ने कहा कि अगर मेरी पीएम मोदी से बातचीत होती, जिन्हें मैं अच्छी तरह से जानता हूं, तो मेरे तर्क का एक हिस्सा यह होगा कि यदि आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करते हैं, तो इस बात की प्रबल संभावना है कि भारत किसी बिंदु पर अलग होना शुरू कर देगा। और हमने देखा है कि जब इस प्रकार के बड़े आंतरिक संघर्ष होने लगते हैं तो क्या होता है।

मुसलमानों के खून से रंगे हैं ओबामा के हाथ

ओबामा के कार्यकाल को ईरान के साथ परमाणु समझौता, क्यूबा के साथ राजनयिक संबंधों की शुरुआत के लिए याद किया जाता है। बहुत कम लोगों को पता है कि बराक ओबामा ने अमेरिकी इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति की तुलना में लंबे समय तक युद्ध में शामिल रहने के बाद अपने कार्यालय को छोड़ा था। उनके चार-चार साल के लगातार दो कार्यकाल के दौरान अमेरिका दुनियाभर के कई मुस्लिम देशों में युद्ध में शामिल रहा। इसी के साथ ओबामा युद्धग्रस्त अमेरिका के दो पूर्ण कार्यकाल तक सेवा करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति भी हैं। ओबामा के कार्यकाल में ही अमेरिका ने ड्रोन हमलों को बड़े पैमाने पर शुरू किया। ओबामा ने खुद ड्रोन हमलों की जबरदस्त वकालत की। उनके कार्यकाल में जॉर्ज डब्ल्यू बुश की तुलना में 10 गुना अधिक ड्रोन हमले किए गए।

1 साल में 7 मुस्लिम देशों पर 26,171 बम गिराए

ओबामा ने अपने कार्यकाल के दूसरे चरण में अफगानिस्तान और इराक में लड़ने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम कर दी, लेकिन उन्होंने दुनिया भर में हवाई युद्ध और विशेष अभियान बलों के उपयोग को तेजी से बढ़ाया। 2016 में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के कमांडो दुनिया के 138 यानी 70 फीसदी देशों में मौजूद थे। यह बुश प्रशासन के दिनों के बाद से 130 गुना की आश्चर्यजनक वृद्धि थी। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन ने अमेरिका रक्षा विभाग के डेटा के अनुसार, बताया कि अकेले 2016 में ओबामा प्रशासन ने कम से कम 26,171 बम गिराए। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी सेना ने हर दिन दुनियाभर के सात मुस्लिम देशों में 72 बम गिराए। अमेरिका के ये हवाई हमले सीरिया, इराक, अफगानिस्तान, लीबिया, यमन, सोमालिया और पाकिस्तान में किए गए। ये सभी घोषित तौर पर इस्लामिक देश हैं।

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