भारत और अमेरिका को पाइपलाइन ऑफ टैलेंट की जरूरत’, नेशनल साइंस फाउंडेशन में बोले पीएम मोदी

वाशिंगटन : अमेरिका के वर्जीनिया के अलेक्जेंड्रिया में नेशनल साइंस फाउंडेशन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विकास की गति को बनाए रखने के लिए भारत और अमेरिका पाइपलाइन ऑफ टैलेंट की जरूरत है।
पीएम ने शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच शिक्षा और रिसर्च में आपसी सहयोग के लिए मैं कुछ विचार साझा करना चाहता हूं। इस साझा प्रयास में जरूरी है कि सरकार, उद्योग, एकेडेमिया, शिक्षक और छात्र सभी को शामिल किया जाए। इंडिया-अमेरिका टीचर एक्सचेंज प्रोग्राम के बारे में भी हम सोच सकते हैं।
बच्चों को दी जा रही कई तरह की सुविधाएं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में शिक्षा और स्कीलिंग को बढ़ावा दिया है। हमने स्कूलों में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की है, जहां बच्चों को कई तरह के इनोवेशन करने के लिए हर सुविधाएं दी जा रही हैं। हमारा लक्ष्य इस तकनीकी दशक बनाने का है।
भारत-अमेरिका को पाइपलाइन ऑफ टैलेंट की जरूरत’
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत-अमेरिका को ग्रोथ की गति बनाए रखने के लिए एक पाइपलाइन ऑफ टैलेंट की भी जरूरत है। जहां एक ओर अमेरिका के पास उच्च कोटि के शिक्षण संस्थान और तकनीक हैं तो वहीं भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा फैक्ट्री है। इसलिए मुझे विश्वास है कि भारत और अमेरिका की साझेदारी सस्टेनेबल और इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ का इंजन साबित होगी।
यूएस से 750 फैकल्टी मेंबर आ चुके हैं भारत- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में फैले वैज्ञानिकों और उद्यमियों का भारत के संस्थानों के साथ संबंध बढ़ाने के लिए हमने 2015 में GIAN (ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स) अभियान शुरू किया था। मुझे बताते हुए खुशी है कि अब तक इसके तहत यूएस से 750 फैकल्टी मेंबर भारत आ चुके हैं। मैं यूएस में शिक्षा और रिसर्च से जुड़े सर्विंग और रिटायर लोगों से अनुरोध करूंगा कि वे अपनी छुट्टियां खास तौर पर विंटर ब्रेक भारत में बिताएं और भारत को जाने। इसके साथ ही भारत की नई पीढ़ी के साथ अपना ज्ञान भी बांटे।