शराब गड़बड़ी मामला : अरविंद सिंह 6 दिनों की रिमांड पर, कारोबारी निखिल चंद्राकर मुंबई से गिरफ्तार

रायपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में 2 हजार करोड़ की कथित शराब गड़बड़ी के मामले में बीएसपी कर्मचारी अरविंद सिंह को और 6 दिन के लिए रिमांड पर सौंप दिया है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। ईडी ने पूछताछ बची रहने का तर्क देते हुए 6 दिन की रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
इधर, बेंगलुरू पुलिस द्वारा चार्जशीट में साजिश और एक्सटार्शन की धाराएं हटाने के बाद इसी आधार पर जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत समेत तीन लोगों ने जमानत की अर्जी लगा दी है। कोर्ट में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यह 120-बी (कांसपिरेसी) का केस नहीं है। कहीं भी कंप्लेंट फाइल नहीं हुई। आबकारी की जिस पॉलिसी में गड़बड़ी बताई जा रही है, वह अप्रैल 2019 में लागू हुई। जबकि निरंजन मई में आबकारी सचिव और आयुक्त नियुक्त किए गए थे। उनका काम खरीदी-बिक्री का नहीं था।
निरंजन की एंजियोग्राफी हुई है। उन्हें किडनी, बीपी की बीमारी है। पीएमएलए एक्ट की धारा 45 में बीमार व्यक्ति की गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। उनके घर ईडी का छापा भी नहीं पड़ा है और किसी भी तरह की संदिग्ध मोबाइल चैट या डायरी में भी नाम नहीं है। वे लगातार ईडी के समंस में उपस्थित होते रहे हैं। वे विदेश भी नहीं जाएंगे। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी की आशंका में अग्रिम जमानत मिलना चाहिए।
निखिल को मुंबई में किया गया गिरफ्तार उसे पेश करने रात 11 बजे तक चली कोर्ट
ईडी ने कोल परिवहन केस के अहम आरोपी निखिल चंद्राकर को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया। उसकी काफी दिनों से तलाश थी। निखिल को ईडी ने रात 9 बजे रायपुर के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। इसके लिए अदालत 9 बजे खुली और रात 11 बजे के बाद तक सुनवाई चलती रही। इसके बाद निखिल को 27 जून तक रिमांड पर ईडी को सौंप दिया गया।