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MSP बढ़ने के बाद राजनीति तेज, सीएम बघेल ने कहा- स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हो तय, रमन ने बताया कृषक कल्याण के लिए PM का बड़ा कदम

Chhattisgarh June 7, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
MSP बढ़ने के बाद राजनीति तेज, सीएम बघेल ने कहा- स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हो तय, रमन ने बताया कृषक कल्याण के लिए PM का बड़ा कदम

MSP बढ़ने के बाद राजनीति तेज, सीएम बघेल ने कहा- स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हो तय, रमन ने बताया कृषक कल्याण के लिए PM का बड़ा कदम

रायपुर। केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न खाद्यान्न की खरीदी के लिए बढ़ाए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर राजनीति तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एमएसपी तय होना चाहिए। मिलेट की खरीदी की भी व्यवस्था होनी चाहिए, जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में किया गया है, उसी प्रकार से पूरे देश में होना चाहिए। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कोदो-कुटकी, रागी मिलेट्स को राज्य सरकार समर्थन मूल्य में खरीद रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिलेट्स को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की थी।

कृषक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा कदम उठाया : डॉ. रमन सिंह

केंद्र सरकार की ओर से किसानों के हितों को ध्यान में रखकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी वृद्धि की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार मूंग दाल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 10.4%, मूंगफली पर 9%, सेसमम पर 10.3%, धान पर 7%, जवार, बाजरा, रागी, मेज, अरहर दाल, उड़द दाल, सोयाबीन, सूरजमुखी बीज पर वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए लगभग 6-7% की वृद्धि की गई है।

इस निर्णय के बाद 2014-15 में जो धान का समर्थन मूल्य ₹1360 था अब वो 143 रुपये बढ़कर विपणन सत्र 2023-24 में ₹2183 हो गया है। इसके साथ ही उड़द दाल की एमएसपी को 350 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 6,950 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं, मक्के की एमएसपी को 128 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग की एमएसपी में सर्वाधिक 803 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है और इसके मूंग पर एमएसपी 8,558 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार करते हुए कहा है कि अन्नदाताओं के हित में नरेंद्र मोदी की सरकार ने खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर किसानों के समृद्धि और सशक्तिकरण का पथ सुनिश्चित किया है। जिससे अब छ:ग के किसानों को प्रतिवर्ष केंद्र से ₹23 हजार करोड़ का समर्थन मूल्य (107 लाख मीट्रिक टन के हिसाब से) प्राप्त होगा और राज्य की भूपेश बघेल की सरकार से किसानों को केवल ₹3300 करोड़ मिलेंगे।

ऊंट के मुंह में जीरा: कांग्रेस

मोदी सरकार के धान और रबी फसल के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि को कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा और छल करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में मात्र सात प्रतिशत की वृद्धि कर आमदनी दोगुनी होने का इंतजार कर रहे किसानों के ऊपर वज्र प्रहार किया है। यह ऊंट के मुंह में जीरा की तरह है।

अन्नदाताओं के हित में बढ़ोत्तरी: भाजपा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि धान सहित तमाम फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि पर प्रधानमंत्री का अभिनंदन है। उन्होंने मांग की है कि बढ़ी हुई कीमत का लाभ किसानों को मिले इसके लिए भूपेश सरकार को काम करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने धान सहित कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी वृद्धि के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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