PTI की महिला समर्थकों के साथ जेल में यौन शोषण!: आरोपों को लेकर घबराए गृहमंत्री ने की कॉन्फ्रेंस, इमरान ने घेरा

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में लगातार बवाल मचा हुआ है। इस बीच, जेल में बंद पीटीआई की महिला समर्थकों के साथ यौन शोषण किए जाने की बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि पुलिस महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रही है।

बता दें, 9 मई को जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। तो उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थक सड़कों पर उतर आए थे, जिसके बाद सेना ने सख्त कदम उठाए थे। सेना ने पीटीआई के कई समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, इसमें महिला भी शामिल थीं।

इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि पीटीआई के कार्यकर्ताओं को भयावह तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि महिला समर्थकों का जेल में यौन शोषण हो रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की सरकार विपक्ष और मानवाधिकार समूहों के निशाने पर आ गई है।

सरकार और विपक्ष में हंगामा

रिपोर्ट के बाद, पीटीआई प्रमुख और शरीफ सरकार के बीच जंग छिड़ गई है। पीटीआई का कहना है कि उसके करीब दस हजार समर्थक जेल में बंद हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।

इन लोगों को भीड़भाड़ वाली जेलों में सी-श्रेणी के कैदियों के रूप में रखा गया है। पीटीआई ने कहा कि इन समर्थकों ने ऐसी कोई गलती नहीं की है, जिसकी वजह से उन्हें सी-श्रेणी के कैदियों के रूप में रखा जाए। ये लोग चिलचिलाती गर्मी में बंद हैं।

राणा सनाउल्लाह ने किया सरकार का बचाव

पीटीआई के बयान के बाद पाकिस्तान के लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार लोग शरीफ की सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीटीआई पर निशाना साधा। उन्होंने इमरान पर गलत जानकारी फैलाने और एक बड़ी योजना बनाने आरोप लगाया।

सनाउल्लाह ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में एक बातचीत का पता लगाया था, जिससे संकेत मिला कि पीटीआई दो दुष्कर्म की योजना बना रही थी। बाद में इसका आरोप सुरक्षा बलों के सिर मढ़ने वाली थी। हालांकि, गृह मंत्री ने अपने बयान में कोई सबूत नहीं दिया।

आरोपों को नकारा

वहीं, गृह मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पीटीआई प्रमुख इमरान ने झूठा बताया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राणा की कॉन्फ्रेंस ने सबकुछ साफ कर दिया है।

बाद में, इमरान ने जेल से आने वाली डरावनी कहानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए कि जेल में उनके समर्थकों के साथ भयावह व्यवहार किया जा रहा है।

इमरान का पलटवार

इमरान ने एक ट्वीट करके कहा कि अगर जेल में बंद महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने को लेकर कोई भी संदेह था, तो राणा की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूर हो जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि करीब सौ पीटीआई समर्थकों को जेल से रिहा किया।

लेकिन उनके सामने दो शर्त रखी गई की वह पार्टी और राजनीति से दूरी बना लें या इमरान की गिरफ्तारी पर देशव्यापी विरोध के दौरान सार्वजनिक रूप से सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों की निंदा करें।

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