बड़े परदे पर जिमी शेरगिल का फिर नहीं जमा जलवा, भाई से बाप बनने की कोशिशों की अधपकी कहानी

मुंबई : जिमी शेरगिल काबिल अभिनेता हैं। और, अभिनेता को अपने किरदारों के साथ लगातार प्रयोग करते ही रहने चाहिए। इस मायने में फिल्म ‘आजम’ में उन्होंने जो किरदार निभाया है, वह उनकी अदाकारी के लिए एक नई लकीर खींचने का अच्छा मौका है। मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर बनी कहानियों से हिंदी सिनेमा लंबे समय तक आंख मिचौली खेलता रहा है।

इस सिनेमा से ही एंग्री यंगमैन भी निकला, भीकू म्हात्रे भी और सुभाष नागरे भी। अब बारी जावेद की है। बड़े परदे पर रिलीज हुई किसी फिल्म में लीड रोल किए जिमी शेरगिल को अरसा हो चुका है। उनके लिए हिंदी सिनेमा की बड़े बजट की फिल्मों में छोटे रोल बचते हैं और छोटे बजट की जिन फिल्मों में उन्हें बड़े रोल मिलते हैं, उनकी पहुंच में सिनेमा का आम दर्शक होता नहीं है। जिमी के करियर की जलेबी इसी गोल गोल चक्कर में पिछले 20 साल से घूम रही है।

मुंबई का किंग कौन,…?

फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के जहीर के बाद जिमी शेरगिल अब जावेद पर आए हैं। दक्षिण मुंबई के उस इलाके की कहानी में, जहां से कहते हैं कि मुंबई का अंडरवर्ल्ड चलता आया है। सुल्तान को मारकर डॉन की कुर्सी पर बैठे नवाब की तबियत नाजुक है। उसका अंत निकट है। सियासत को एक नया डॉन चाहिए जो उनके सामने घुटनों के बल बैठा रहे। बैठक होती है। शहर के अलग अलग इलाकों के छत्रप मिलते हैं और जिसके नाम पर सहमति बनती है, उसी को डॉन के बेटे से मिलकर जावेद निपटा देता है।

फिर एक एक कर बाकी छत्रप मारे जाते हैं। सत्ता को समझ आता है कि उन्होंने दांव ही गलत प्यादे पर चला। शतरंज का खिलाड़ी एक पुलिस अफसर भी इस रेस के आखिरी चक्कर में आ शामिल होता है। कहानी एक रात की है। लेकिन, इसकी तैयारी बहुत पुरानी है। अंडरवर्ल्ड का खेल मोबाइल के दौर में हैकिंग के सहारे खेला जाता है और मामला कहीं कहीं बहुत दिलचस्प भी हो जाता है।

फ्लैशबैक ने खराब की कहानी

फिल्म ‘आजम’ को लिखा और निर्देशित किया है श्रवण तिवारी ने। श्रवण ही फिल्म के संपादक भी हैं लेकिन ठीक ठाक बनी किसी फिल्म को उसका सिर्फ बैकग्राउंड म्यूजिक कैसे निपटा सकता है, उसका सबक ये फिल्म है। श्रवण तिवारी ने फिल्म लिखी बहुत ही दिलचस्प अंदाज में है। दो घंटे की इस फिल्म का आधा हिस्सा इतनी रफ्तार से भागता है कि लगता है, अरसे बाद कोई ढंग की क्राइम थ्रिलर देखने को मिली है।

लेकिन, सरपट भागती इस फिल्म के सामने इसके बाद आते हैं फ्लैशबैक के बड़े बड़े गड्ढे। जावेद बीच बीच में इतनी बीती हुई कहानियां सुनाने लगता है कि न सिर्फ फिल्म देखने का मजा खराब होता है बल्कि उसका अपना किरदार भी कमजोर होता जाता है। फिल्म का हीरो ही अगर जिमी शेरगिल है तो जाहिर है फिल्म के बाकी कलाकार सयाजी शिंदे, मुश्ताक खान और अली खान जैसे ही हो सकते हैं।

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