छत्तीसगढ़ में BJP का न हो कर्नाटक जैसा हाल, इसलिए दावत खिला कर मनाएंगे रूठे नेताओं को

रायपुर। कर्नाटक चुनाव में मिली करारी हार के बाद भाजपा ने हिंदी पट्टी के अहम राज्यों में फोकस करना शुरू कर दिया है। इन राज्यों में पार्टी पांच माह पहले ही चुनावी मोड में आ गई है। न सिर्फ विधानसभा चुनाव, बल्कि लोकसभा चुनावों के लिए भी रणनीति बनानी शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में भी इस साल विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। इसलिए पार्टी यहां दोगुनी ताकत के साथ तैयारी कर रही है। मध्यप्रदेश के फॉर्मूले की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी भाजपा रूठे नेताओं को घर जाकर मनाएगी। साथ ही घर-घर संपर्क अभियान के तहत प्रदेश के नेता मतदाताओं के घर जब दस्तक देंगे, तो उन्हें एक मिस्ड कॉल भी करना होगा, ताकि ये पता चल सके कि भाजपा नेता वोटर्स के घर पहुंचे हैं।

दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार के नौ साल के कामकाज को बताने के लिए 30 मई से 30 जून तक विशेष अभियान पूरे देशभर में चलाया जाएगा। इसमें चुनावी राज्यों में कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन विशेष कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में भाजपा के बड़े नेता नाराज पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा हर जिले में कार्यकर्ताओं का सम्मेलन भी आयोजित होगा। लोकसभा से लेकर बूथ स्तर तक आयोजन होंगे।

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता कहते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हर आयोजनों की तैयारियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। इस साल छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा के चुनाव हैं। लिहाजा यहां विधानसभा की दृष्टि से भी इस अभियान पर काम किया जा रहा है। 30 मई से अलग-अलग कार्यक्रम पूरे प्रदेश में शुरू हो जाएंगे। कार्यकर्ता लोगों के घर-घर संपर्क करेंगे। इसके अलावा पार्टी के दिग्गज नेता पुराने कार्यकर्ताओं के घर जाकर भोजन भी करेंगे।

इन कार्यक्रमों के जरिए जोड़ेंगे जनता को

21 जून को होने वाले योग दिवस को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। योग दिवस के कार्यक्रमों में मोदी सरकार की नौ साल की उपलब्धियों को बताया जाएगा। प्रदेश की हर विधानसभा के स्तर पर ये आयोजन होंगे। वहीं, 23 जून को पीएम मोदी के साथ पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं की वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम 10 लाख बूथों पर होगा।

इस बीच 25 जून को भाजपा आपातकाल की याद दिलाएगी। इसके लिए विशेष आयोजन की तैयारी की जा रही है। यह आयोजन लोकसभा क्षेत्र के मुख्य विधानसभा में आयोजित होगा। इसमें केंद्रीय टोली का एक सदस्य अनिवार्य रूप से रहेगा। इसमें बुद्धिजीवियों को बुलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए बताया जाएगा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को कैसे नष्ट किया। इस पर डाक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। इसके अलावा पार्टी आगामी दिनों में व्यापारी सम्मेलन भी आयोजित करेगी। हर लोकसभा सीट पर ये सम्मेलन आयोजित होंगे। इसके साथ ही विकास तीर्थ होगा, जिसमें विधानसभा के विकास के स्थान पर लेकर जाएंगे। चुनाव को देखते हुए पार्टी इस बार सोशल मीडिया पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। पार्टी लगातार इन्फ्लुएंसर्स पर नजर रख रही है। इसके लिए बाकायदा इन्फ्लुएंसर्स से एक परफॉर्मा भरवाया जाएगा। ये देखा जाएगा कि कौन से लोग हैं, जिनकी पोस्ट पर ज्यादा प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। किस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 29 मई को राजधानी में प्रेस कांफ्रेंस होगी। इसमें केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रीय पदाधिकारी के साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भोजन करेंगे। इसमें उन्हें विकास की पीपीटी दिखाई जाएगी।

खिलाड़ी से लेकर कलाकार के जाएंगे घर

प्रदेश के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने नाम न छापने के अनुरोध पर चर्चा में कहा कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव की दृष्टि से दो सदस्यों की अभियान समिति बनेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री या पूर्व केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय पदाधिकारी, सदस्य या वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी मिलेगी। वहीं, केंद्र व प्रदेश में सात सदस्यों की, जिले में छह, मंडल में चार सदस्यों की समिति बनेगी। प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं की जिम्मेदारी होगी कि हर लोकसभा के 250 प्रतिष्ठित और प्रभावशाली लोगों की लिस्ट बनाए। हर लोकसभा से 10 लोग तय किए जाएंगे, जो इन 250 लोगों से संपर्क करेंगे। इसके अलावा कलाकार, खिलाड़ी, उद्योगपति, शहीद व प्रसिद्ध परिवारों से भी संपर्क होगा, जिन्हें भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सम्मानित करेंगे।

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