दक्षिण अफ्रीका के रूस को हथियार देने का मुद्दा गर्माया, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अफ्रीकी समकक्ष से की बात

केपटाउन : दक्षिण अफ्रीका से रूस को हथियार व गोला-बारूद की आपूर्ति का मसला गरमा गया है। अमेरिका के इस आरोप पर शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर उनसे आरोप की बाबत पूछताछ की।

इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के बीच फोन पर बात होने की सूचना है। अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका पर आरोप लगाया है कि उसने यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल के लिए रूस को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति की। दक्षिण अफ्रीका ने इससे इनकार किया है और जल्द ही इस बाबत अफ्रीकी विदेश मंत्री नालेदी पंडोर अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से बात करेंगे।

इससे पहले गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका में अमेरिकी राजदूत रूबेन ब्रिगेटी ने कहा था कि दिसंबर 2022 में दक्षिण अफ्रीका ने अपने साइमन टाउन नौसैनिक अड्डे से रूसी जहाज में हथियार और गोला-बारूद का लदान किया था। दक्षिण अफ्रीका ने रूस को यह आपूर्ति तब की जब रूस पर प्रतिबंध लगाए जा चुके थे।

ब्रिगेटी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का यह कदम अमेरिका को पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ब्रिगेटी के बयान के बाद अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने रूसी मालवाहक पोत लेडी आर के आने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

बाखमुट को लेकर रूस और यूक्रेन के अपने दावे

रूस और यूक्रेन ने बाखमुट शहर में चल रही लड़ाई को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। रूसी सेना ने जहां दो दिन पूर्व छोड़े गए मोर्चे पर फिर से पहुंचने का दावा किया है। वहीं, यूक्रेन की सेना ने कहा है कि उसने वहां की अपनी जमीन फिर से पा ली है। दोनों सेनाओं ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर के आसपास अपनी-अपनी स्थिति मजबूत होने के दावे किए हैं।

इस बीच वहां एक बार फिर से लड़ाई तेज होने की खबर है। इस शहर पर कब्जे को लेकर बीते दस महीने से दोनों सेनाएं लड़ रही हैं, लेकिन बड़े भूमिगत ठिकानों में मोर्चा सजाए बैठी यूक्रेनी सेना को वहां से निकाल पाना रूसियों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है।

युद्धविराम के लिए चीन के विशेष दूत जाएंगे यूक्रेन

युद्धविराम के प्रयासों के तहत चीन अगले सप्ताह अपना विशेष दूत यूक्रेन और रूस भेजेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बताया है कि चीन ने अपना विशेष दूत ली हुई को बनाया है। हुई यूरोपीय मामलों के विशेषज्ञ हैं और रूस में चीन के राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह यूक्रेन और रूस के अतिरिक्त पोलैंड, फ्रांस और जर्मनी भी जाएंगे। वहां पर हुई नेताओं और अधिकारियों से वार्ता कर यूक्रेन युद्ध को रुकवाने की स्थितियां बनाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds