धमतरी। वाहन खरीदने और फाइनेस कराने का झांसा देकर लोगों के दस्तावेजो का दुरुपयोग करने वाले अंतरजिला शातिर ठग अभिषेक सिंह राजपूत (31 वर्ष) को डोगरगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ न केवल राजनांदगांव, बल्कि धमतरी और कोरबा जिलों में भी धोखाधड़ी की कई शिकायते व आपराधिक मामले दर्ज है। आरोपी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही ठगी का शिकार हुए अन्य पीड़ितों का भी थाने पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
धमतरी से भी जुड़ा आरोपी का नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अभिषेक सिंह राजपूत (निवासी शक्तिनगर, राजनांदगांव) लंबे समय से फाइनेस और वाहन खरीदी-बिक्री के नाम पर गिरोह की तरह काम कर रहा था। राजनांदगांव के अलावा धमतरी और कोरबा पुलिस भी विभिन्न मामलों में इसकी तलाश कर रही थी। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने धमतरी क्षेत्र में भी कई लोगों को लोन और फाइनेस के नाम पर चूना लगाया है, जिसका खुलासा जांच के आगे बढ़ने पर हो सकता है।
बैंक की ईएमआई कॉल से हुआ भंडाफोड़
मामला मई 2024 का है, जब डोगरगांव निवासी प्रार्थी भागवतजीत साहू ने वाहन फाइनेस कराने के लिए आरोपी अभिषेक से संपर्क किया था। आरोपी ने लोन प्रक्रिया के नाम पर जरूरी दस्तावेज और गारंटर के तौर पर पहचान पत्र हासिल किए। इसके बाद प्रार्थी की बिना जानकारी के उसके नाम पर होडा एक्टिवा (क्रमांक CG 08 BA 4776) फाइनेस करा ली। जब बैंक से किस्त जमा करने का फोन आया, तब पीड़ित के होश उड़े। जांच में सामने आया कि आरोपी ने वह एक्टिवा किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर नामांतरण भी करवा दिया था। किस्त न पटने से पीड़ित का सिबिल स्कोर खराब हुआ और करीब 15 हजार रुपये का अतिरिक्त व्याज भी चढ़ गया।
फरार आरोपी को साइबर सेल ने घेराबंदी कर पकड़ा
धोखाधड़ी का अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी मोबाइल बंद कर फरार चल रहा था। पुलिस व साइबर सेल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घेराबंदी कर 21 सितंबर 2026 को उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अहम दस्तावेज बरामद किए है तथा उसकी निशानदेही पर अर्जुनी स्थित होडा शोरूम से दो वाहन बिक्री रजिस्टर भी जब्त किए है।
न्यायालय में पेश, कई और खुलासों की उम्मीद
आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी अपराध क्रमांक 151/2026 (धारा 318 (4) बीएनएस) तथा अपराध क्रमांक 287/2026 (धारा 420 भादवि) समेत कोतवाली राजनांदगांव, कोरबा व धमतरी में मामले दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, सउनि देवकुमार रावटे, प्रधान आरक्षक सुरेश राजपूत साइबर सेल सउनि द्वारिका प्रसाद लाउने, प्रधान आरक्षक बसंत राव, आरक्षक मनोज खुटे एवं मोहसिन खान की प्रमुख भूमिका रही।