बिलासपुर। जीएसटी की स्टेट टीम ने बिलासपुर और मुंगेली के 6 व्यापारियों के ठिकानों पर छापा मारा है। इसमें मुंगेली के तीन होटलों के साथ ही व्यापार विहार के तीन व्यापारी शामिल है। इसमे व्यापार विहार के तीन व्यापारी जिसमे गुटखा, ड्राइफ्रूटस और तेल व्यापारी शामिल है पर कार्रवाई अतिम दौर में है. जबकि मुंगेली के बावा होटल पर 60 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाने के साथ ही टैक्स संबंधी कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, जीएसटी की चोरी सिद्ध होने पर पूरे जुर्माने की राशि की वसूली कर ली गई है और यह राशि सरकारी खजाने में जमा भी करवा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य भर में स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी विभाग द्वारा टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग और ई-वे बिल में गड़बड़ी को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी के तहत जांच में बात सामने आई कि मुंगेली के कुछ होटलो और रेस्टोरेट में टैक्स चोरी की जा रही है। इसमें कच्चे बिल काटकर कथित तौर पर टैक्स बचाने की शिकायतो के बाद विभाग ने कई प्रतिष्ठानों पर जांच और कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में मुंगेली के बलानी चौक स्थित मोनिका ज्वेलर्स, पड़ाव चौक स्थित दिनेश ज्वेलर्स और धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबे में जांच की गई।
115 से अधिक बोगस डीलरों चिन्हित इधर अधिकारियों के मुताबिक
छत्तीसगढ़ राज्य कर विभाग संदिग्ध फर्मों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कड़े कदम उठा रहा है। देवी ट्रांसपोर्ट कंपनियों और उनसे जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। बिना वैध ई-वे बिल और फर्जी इनवॉइस के जरिए माल परिवहन करने वाले सिडिकेट विभाग के निशाने पर है। जीएसटी विभाग ने तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न की जांच कर 115 से अधिक बोगस डीलरो और फर्जी शेल कंपनियो को चिन्हित कर उनके ठिकानों पर दबिश दी है। ये फर्मों कागजो पर करोड़ो रुपयों का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रही थी। इन छापो के दौरान जीएसटी की टीमे व्यवसायियों के स्टॉक, कंप्यूटर डेटा खरीद-बिक्री के बिल और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को जब्त कर वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच कर रही है।
कच्चे बिल से लेनदेन
नुक्कड़ ढाबा पर विभाग द्वारा 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। यहां शिकायत के आधार पर हुई जांच में कच्चे बिल से जुड़े मामले सामने आने की बात कही जा रही है। विभाग के अनुसार संबंधित फर्म की ओर से बिल जारी किए जाने की बात स्वीकार की गई है। यदि बिना विधिवत जीएसटी बिल के लेन-देन कर कर बचाने का प्रयास हुआ है, तो इससे सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचने का मामला बनता है। वहीं पड़ाव चौक स्थित वैष्णव मिष्ठान भंडार (बावा होटल) पर विभाग की कार्रवाई सबसे बड़ी बताई जा रही है।
बावा होटल पर 60 लाख रुपए की जुर्माना और टैक्स संबंधी कार्रवाई की गई है। साथ ही टैक्स चोरी सिद्ध होने पर पूरे जुर्माने की राशि की वसूली कर ली गई है और यह राशि सरकारी खजाने में जमा भी करवा दी गई है। विभागीय अधिकारी ने यह भी बताया कि कच्चे बिल से जुड़े कुछ अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है।
दस्तावेजों की जांच जारी
जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर महेंद्र कुमार धनेलिया ने बताया कि धारा 70 (1) के तहत मुंगेली और दूसरी जगहों के कुछ फर्मों पर कार्रवाई की गई है। इसमें बावा होटल पर 60 लाख की पेनाल्टी लगाई गई है। बाकी जगहों पर दस्तावेजों की जांच जारी है।