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सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे, लिंक पर क्लिक करते ही रिटायर्ड कर्मचारी ने गंवाए पैसे

Chhattisgarh August 16, 2026 रिपोर्टर: shailesh
सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे, लिंक पर क्लिक करते ही रिटायर्ड कर्मचारी ने गंवाए पैसे

सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे, लिंक पर क्लिक करते ही रिटायर्ड कर्मचारी ने गंवाए पैसे

दुर्ग : जिले के भिलाई में साइबर ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम के विज्ञापन दिखाकर निवेश से जुड़े कई दावे किए और एक रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से 45 लाख रुपए ऐंठ लिए.

सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे

ये मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है. पीड़ित जयंत बागची (61) हुडको निवासी हैं. वे भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर हो चुके हैं और इससे पहले भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं.

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को वे मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे. इसी दौरान उन्हें ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया.

विज्ञापन में निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर और सुधा मूर्ति जैसे नामों और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था. इसे देखकर उन्हें योजना भरोसेमंद लगी और उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कर दिया.

ऐसे शुरु हुआ ठगी का खेल

रजिस्ट्रेशन के बाद कृतिका नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया. उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया और वरिष्ठ नागरिक होने के आधार पर 18,998 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस मांगी.

पीड़ित ने ऑनलाइन यह रकम जमा कर दी. इसके बाद सिद्धार्थ विपुल नाम के व्यक्ति ने खुद को अकाउंट मैनेजर बताते हुए संपर्क किया.

उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश और विदेशों में कारोबार का दावा किया. आरोपियों ने बताया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में चलता है.

इसके बाद ठगों ने निवेश के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में बड़ी रकम जमा कराई। 17 मार्च को 1 लाख रुपए, जबकि 24 और 25 मार्च को 5-5 लाख रुपए जमा कराए गए. इसके अलावा आरोपियों ने मार्जिन बढ़ाने के नाम पर भी पीड़ित से और पैसे मांगे.

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

22 अप्रैल को आरोपियों ने दावा किया कि पीड़ित की रकम तैयार है और टैक्स जमा करते ही भुगतान कर दिया जाएगा. इसके बाद उसे अरुणाचल प्रदेश के एक बैंक खाते में आरटीजीएस करने के लिए कहा गया. यहीं पीड़ित को पूरे मामले पर संदेह हुआ. उसे महसूस हुआ कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ साइबर ठगी की जा रही है. इसके बाद उसने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी. शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/2026 दर्ज किया गया.

पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में पुलिस को आरोपी के बारे में अहम सुराग मिले. इसके बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के बैतूल पहुंची, जहां से 24 वर्षीय विशाल नागले को गिरफ्तार कर लिया गया.

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