डेयरी संचालक की हत्या-लूट मामले में बड़ा फैसला, दो आरोपियों को उम्रकैद

जांजगीर चांम्पा : जांजगीर-चांपा के चांपा में करीब दो साल पहले हुई डेयरी संचालक की हत्या और लूट के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। घर में घुसकर बुजुर्ग की हत्या करने वाले दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
अदालत में 19 गवाहों के बयान और वायर के टुकड़ों से जुड़े अहम साक्ष्य आरोपियों को दोषी साबित करने में महत्वपूर्ण कड़ी बने पूरा मामला 26 जून 2024 की रात का है। चांपा के शंकर नगर निवासी डेयरी संचालक छोटेलाल पांडेय अपने घर में थे। रात करीब साढ़े 9 बजे उनके भतीजे संतोष कुमार पांडेय को छोटेलाल के बेटे अमित पांडेय का फोन आया।
फोन पर घर में अनहोनी होने की जानकारी दी गई परिजन और आसपास के लोग जब घर पहुंचे तो छोटेलाल पांडेय बिस्तर पर मृत पड़े थे। घर की अलमारी टूटी हुई थी और आसपास वायर के टुकड़े मिले थे। प्रारंभिक जांच में हत्या के साथ सोने-चांदी के जेवर लूटे जाने की बात सामने आई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले वायर के टुकड़ों को अहम साक्ष्य के तौर पर लिया। जांच आगे बढ़ी तो आरोपी दीपक यादव और मिर्जा शाहिद बेग तक पुलिस पहुंची।
आरोपी दीपक यादव के पास से मिले वायर के टुकड़ों की घटनास्थल से मिले वायर के टुकड़ों से जांच कराई गई, जो आपस में मेल खाते पाए गए पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान कराए मामले में प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियों का न्यायालय ने बारीकी से परीक्षण किया।
अदालत ने माना कि साक्ष्य एक-दूसरे से निर्णायक रूप से जुड़े हुए हैं और दोनों आरोपियों द्वारा मिलकर घर में घुसकर छोटेलाल पांडेय की हत्या और लूट करना संदेह से परे साबित हुआ है।सेशन जज जांजगीर श्री जयदीप गर्ग ने आरोपी दीपक यादव उम्र 30 वर्ष और मिर्जा शाहिद बेग उम्र 26 वर्ष को धारा 302/34 और 397 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं घर में घुसने के अपराध में दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।