छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर थे सक्रिय नौ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बलरामपुर : छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा में सक्रिय नौ नक्सलियों ने मंगलवार को बलरामपुर एसपी मोहित गर्ग के सामने सरेंडर कर दिया। इनमें से तीन नक्सलियों ने भरमार बंदूक और एक किलो आईईडी के साथ पहुंचे थे। यह सभी नक्सली संगठन में कुछ माह से लेकर वर्ष तक सक्रिय रहे हैं। तीन नक्सलियों को एके 47 सहित अन्य रायफल चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। इनमें से ज्यादातर ने पुलिस से मुठभेड़ होने के डर से संगठन को छोड़ दिया था। नक्सलियों ने कुछ को वर्दी भी दी थी और संतरी ड्यूटी भी कराई।

सरेंडर करने वाले नक्सली पुंदाग, पचफेड़ी, चुनचुना, पिपरढाब के निवासी हैं। ये पूर्व में जोनल कमांडर विमल यादव, नवीन यादव, शेखर कोरवा, वीरसाय, रवि आदि के दस्तों में शामिल थे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में अखिलेश उर्फ अजय कोरवा, अखिलेश कोरवा उर्फ मिथलेश, जंगली कोरवा उर्फ विक्रम कोरवा, वीरसाय कोरवा, दिनेश कोरवा, जयप्रकाश कोरवा उर्फ निर्मल, झालू कोरवा उर्फ प्रवीण, जवाहिर, सुनवा कोरवा शामिल हैं।

बंदूक और एक किलो की आईईडी लेकर पहुंचे नक्सली

एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि अखिलेश कोरवा 2008 में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ था और 2017-18 तक सक्रिय रहा। नक्सलियों ने उसे झारखंड के बूढ़ा पहाड़ में ट्रेनिंग कराई थी। नक्सली दस्ते में उसे वर्दी व रायफल दी गई थी। 2018 में जोनल कमांडर नवीन के दस्ते में शामिल हुआ था। ट्रेनिंग के बाद उसे एके 47 दी गई थी। वह 2020 में नक्सली दस्ते से भाग निकला था। जंगली कोरवा उर्फ विक्रम 2017 में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ था।

जंगली 2020 में वह बंदरचुआं एवं भूताही में जेसीबी व मशीनें जलाने में सक्रिय रहा है। वह आईईडी लगाने में भी शामिल रहा है। साल 2020 में वह दस्ता छोड़कर भाग निकला था। एक अन्य नक्सली वीरसाय कोरवा 2012 में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ और दो साल तक काम किया। उसे भी नक्सलियों ने रायफल दी थी। झारखंड में पुलिस मुठभेड़ में एक साथी के मारे जाने के बाद वह डर गया था और नक्सली दस्ते को छोड़कर भाग गया।

इनके अलावे दिनेश कोरवा करीब एक वर्ष तक नक्सली दस्ते में सक्रिय रहा। उसे बंकर बनाने, सामान ढोने का काम नक्सलियों ने दिया था। बाद में वह दस्ते से भाग गया। जयप्रकाश कोरवा महज 15 वर्ष की उम्र में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ था और तीन साल तक नक्सलियों के साथ सक्रिय रहा। झालू कोरवा वर्ष 2021 में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ था और कुछ माह तक दस्ते के साथ रहा। नक्सली उसे संतरी ड्यूटी एके 47 रायफल के साथ कराते थे। जवाहिर खैरबार2017 में नक्सली दस्ते में शामिल हुआ था।

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