केके श्रीवास्तव का बड़ा खुलासा : ठगी के करोड़ों रुपए दुबई, हाँगकांग और चीन भेजे

रायपुर। दिल्ली के कारोबारी अर्जुन सिंह रावत को 500 करोड़ रुपए का ठेका दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले कृष्ण कुमार श्रीवास्तव को लेकर ईडी ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने दिल्ली के कारोबारी को ठगी की रकम में से महज 3.40 करोड़ रुपए ही लौटाए हैं। शेष ठगी की रकम केके द्वारा शेल कंपनियों के माध्यम से दुबई (यूएई), हांगकांग, चीन तथा सिंगापुर में स्थित लाभार्थियों को भेजी गई।

दिल्ली की कंपनी मेसर्स रावत एसोसिएट्स के संचालक अर्जुन सिंह द्वारा केके श्रीवास्तव तथा उनके बेटे के खिलाफ वर्ष 2023 में तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर ईडी ने केके को 30 जुलाई को गिरफ्तार किया। उसे पीएमएलए की स्पेशल कोर्ट में पेश कर पूछताछ करने 7 अगस्त तक की पुलिस रिमांड हासिल की है। पूछताछ के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

शेल कंपनियों के माध्यम से निवेश

आगे की जांच में यह भी उजागर हुआ कि अपराध से अर्जित आय को केके ने शेल एवं अन्य संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से तीव्र गति से लेयरिंग किया। केके ने ठगी की रकम को मालभाड़ा एवं कंटेनर लीजिंग जैसे काल्पनिक वाणिज्यिक विवरणों के आधार पर दुबई (यूएई), हांगकांग, चीन तथा सिंगापुर भेजा। पीड़ित को लौटाई गई 3.40 करोड़ रुपए की आंशिक राशि भी दूषित एवं लेयरिंग किए गए धन से एकत्रित की गई थी तथा उसे वास्तविक पुनर्भुगतान के रूप में प्रदर्शित किया गया। धोखाधड़ी से प्राप्त 11.60 करोड़ रुपए की राशि अब तक वापस नहीं की गई है।

एक अन्य कारोबारी से ठगी के प्रमाण मिले

केंद्रीय जांच एजेंसी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि अप्रैल 2025 में पीएमएलए की धारा 17 के अंतर्गत ली गई तलाशी कार्रवाई के दौरान मौद्रिक लेन-देन से संबंधित हस्तलिखित अभिलेख, एक व्यक्तिगत डायरी, संपत्ति संबंधी दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद एवं जब्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कृष्ण कुमार ने एक अन्य कारोबारी के साथ धोखाधड़ी करने के लिए इसी प्रकार की कार्यप्रणाली अपनाई थी। जांच के दौरान कृष्ण कुमार ने टालमटोल एवं असहयोगपूर्ण रवैया अपनाते हुए महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया तथा अपराध से अर्जित आय के शोधन से संबंधित तथ्यों का खुलासा नहीं किया।

कारोबारी को झांसे में लेने फर्जी दस्तावेज

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि जून 2023 में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट्स के मालिक को यह झूठा विश्वास दिलाया कि 500 करोड़ रुपए की लागत से रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में उप-ठेका उपलब्ध है। इसके लिए केके ने 15 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में कारोबारी को जमा कराने का झांसा दिया। अपनी धोखाधड़ी को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने परियोजना से संबंधित जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए।

यह धनराशि पांच बैंक खातों में हस्तांतरित की गई, जिनका विवरण उसके एक कर्मचारी के नाम पर प्राप्त मोबाइल कनेक्शन से व्हाट्स एप के माध्यम से भेजा गया था। जांच में पता चला कि ये बैंक खाते कथित खाताधारकों की जानकारी के बिना छलपूर्वक खोले गए थे तथा पांचों संस्थाएं अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्व में नहीं पाई गई।

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