रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक, समग्र शिक्षक फेडरेशन के आव्हान पर प्रदेशभर के सहायक शिक्षकों ने मोदी की गारंटी लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नति सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर नवा रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर जमकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में शिक्षक अपने हक की आवाज बुलंद करने पहुंचे। धरना प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे दूर दराज के सहायक शिक्षकों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया।
कुंआकोंडा, कांकर से बस में आ रहे शिक्षकों को कुरुद से वापस भेज दिया। इस कारण कई शिक्षक आंदोलन में शामिल नहीं हो पाए। धरना स्थल पर खासी गहमागहमी इस दौरान देखने को मिली। फेडरेशन को जिला प्रशासन ने धरना स्थल से विधानसभा घेराव के लिए रैली निकालने की अनुमति नहीं दी। इसीलिए विरोध प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अभनपुर को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी गई
घंटों किया प्रदर्शन
प्रदेशभर के डेढ़ लाख सहायक शिक्षकों ने मोदी की गारंटी लागू करने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, वेतन विसंगति, क्रमोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में सहायक शिक्षकों ने तूता के धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर घंटों प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे शिक्षकों की नाराजगी इस बात को लेकर रही कि मोदी की गारंटी के वादे को सरकार ने अब तक पूरा नहीं किया है।
मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो उग्र होगा शिक्षक आंदोलन
प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, आंदोलन शौक नहीं बल्कि शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण उत्पन्न हुई विवशता का परिणाम है। राज्य सरकार को शिक्षकों के संवेदनशील मांगों पर विचार करते हुए अविलंब निर्णय लेना चाहिए। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि उनकी सभी मांगें प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था और हजारों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ी हुई है, इसलिए इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, अन्यथा शिक्षक समुदाय आंदोलन को तेज करने बाध्य होगा।
ये रहे शामिल
धरना प्रदर्शन में फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारी मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर राजू टंडन, देवेंद्र हरमुख, शेषनाथ पांडे, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुरें, सुरजीत सिंह चौहान, सिराज बक्श, तरुण वैष्णव, गोकुल जायसवाल आदित्य गौरव साहू, टिकेश्वर भोई, मनीष डडसेना, उमा पांडेय, नेमी सिंहा, विपिन यादव, पंकज लहरे, दिनेश नायक, चंद्रप्रकाश तिवारी, रामनरेश अजगले, कोमल साहू, सीडी भट्ट, रणजीत बेनर्जी, आलोक त्रिवेदी राजाराम पटेल सहित बड़ी संख्या में दूर दराज से आए शिक्षक शामिल हुए।
प्रमुख मांग इस तरह
- मोदी की गारंटी के वादे अनुरूप सहायक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति को तत्काल दूर कर क्रमोन्नति का लाभ देने की मांग।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का शत-प्रतिशत पालन करते हुए पदोन्नति में वरिष्ठता का पूर्णतः ध्यान रखा जाए, टीईटी की समय सीमा 30 अगस्त 2028 तक सुनिश्चित की जाए।
- वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा अविलंब विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग।
- शिक्षकों की कुल सेवा अवधि की गणना शिक्षा कर्मी या प्रथम नियुक्ति तिथि से करते हुए करते हुए उनकी पुरानी सेवा के समस्त लाभ प्रदान किए जाएं।
- एकल शिक्षकीय शालाओं में तुरंत अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए।
- विद्या समीक्षा केंद्र ऐप में आ रही तकनीकि व नेटवर्क कमियों को पूरी तरह ठीक किया जाए, जब तक यह पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता तब तक इसके कारण किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए।
- युक्तिकरण नीति के तहत मर्ज किए गए प्राथमिक शाला के प्रधानपाठकों को शाला प्रबंधन समिति में कोषाध्यक्ष का प्रभार सौंपने की मांग।