एनएचएम में भर्ती को लेकर विवाद : 41 दिन बाद भी 10 संदिग्ध चयनितों की जांच शुरू नहीं, एक इस्तीफे ने खोले कई राज

बालोद : जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हाल ही में हुई सपोर्ट स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर और डेंटल असिस्टेंट पदों की भर्ती प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है.

भर्ती में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, मेरिट सूची में कथित अंक हेरफेर और नियमों की अनदेखी के आरोपों के बीच एक चयनित महिला अभ्यर्थी द्वारा अचानक इस्तीफा दिए जाने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस घटनाक्रम के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल और गहरे हो गए हैं.

NHM में भर्ती को लेकर गहराया विवाद

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यहा है कि शिकायत में जिन 11 चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्रों पर संदेह जताया गया था, उनमें से एक अभ्यर्थी के इस्तीफे के बावजूद शेष 10 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच अब तक शुरू क्यों नहीं हुई? शिकायत दर्ज हुए 41 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच को लेकर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है.

आज भी अधूरी जांच

मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मई 2026 को बालोद नगर के वार्ड क्रमांक-10 निवासी संजीव मणि नायर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी अधिकारी को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था.

शिकायत में कहा गया कि अंतिम मेरिट सूची तैयार करते समय कुछ अभ्यर्थियों को उनकी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता से अधिक अंक दिए गए, जिससे अधिक योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए। साथ ही, अनुभव के नाम पर प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों का मूल नियुक्ति आदेश, बैंक खातों में वेतन भुगतान अथवा ट्रेजरी रिकॉर्ड से सत्यापन किए बिना ही उन्हें मान्य कर अतिरिक्त अंक प्रदान कर दिए गए.

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