छत्तीसगढ़ के कई पंपों पर खत्म हुआ तेल, पेट्रोल-डीजल को लेकर मची अफरा-तफरी

रायपुर : पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच बीते दिनों पीएम मोदी ने देशवासियों देशहित में अपील की थी. अपनी इस अपील में उन्होंने पेट्रोल-डीजल कम यूज करने को कहा था, साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने की अपील की थी. पीएम मोदी की अपील के बाद देश के कई नेताओं ने अपने काफिले में गाड़ियों को कम करने का ऐलान भी किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ से अलग ही मामला सामने आया है.
ट्रोल-डीजल के लेकर लंबी लाइनें
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. इन जगहों पर लोग जरूरत से ज्यादा ईधन भरवा रहे हैं. जिससे कई पंपो पर तेल का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया है. इससे जरुरतमंद लोगों तेल नहीं मिल पा रहा है और उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
बलौद जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर
छत्तीसगढ़ के बलौद जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है. जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है. जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं. हालात यहां तक खराब हो गए है कि ट्रक और बस चालक ईधन के भटक रहे है और उन्हें ईधन नहीं मिल रहा है.
पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है. वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया.